हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी गढ़वाल। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग पौड़ी द्वारा जिला पंचायत सभागार में एक व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नाजिश कलीम ने की। इस वर्ष की थीम आकर्षण के भ्रम को उजागर करें,निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला करें के तहत आयोजित कार्यक्रम में तंबाकू और नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल ने कहा कि आज देश का युवा वर्ग तेजी से तंबाकू और नशे की गिरफ्त में आता जा रहा है,जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि विद्यालय और महाविद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं,बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रयोगशालाएं हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को अपनी सोच और चरित्र को मजबूत बनाकर तंबाकू और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनियों का उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ कमाना होता है,जबकि युवाओं का लक्ष्य अपने भविष्य को संवारना होना चाहिए। तंबाकू का सेवन केवल सेवन करने वाले व्यक्ति को ही नहीं,बल्कि उसके आसपास रहने वाले लोगों को भी गंभीर बीमारियों की चपेट में ला सकता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को इस घातक आदत से दूरी बनानी चाहिए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला ने कहा कि तंबाकू मुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है,जब प्रत्येक व्यक्ति स्वयं इसके खिलाफ संकल्प ले। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को तंबाकू के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाता है। उन्होंने बताया कि तंबाकू सेवन कैंसर,हृदय रोग,फेफड़ों की गंभीर बीमारियों सहित अनेक घातक रोगों का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति तंबाकू या नशे की लत का शिकार हो गया है,तो उसे उपेक्षा नहीं बल्कि प्रेम,सहयोग और सहानुभूति की आवश्यकता होती है। परिवार और समाज के सहयोग से ही ऐसे लोगों को इस दलदल से बाहर निकाला जा सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नाजिश कलीम ने कहा कि केवल एक दिन तंबाकू निषेध दिवस मनाने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा,बल्कि प्रत्येक दिन तंबाकू उत्पादों का बहिष्कार कर ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तंबाकू केवल व्यक्ति को नहीं,बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रतिभागियों को तंबाकू निषेध की शपथ दिलाई तथा हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान उन तीन व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने तंबाकू सेवन की आदत को त्यागकर दूसरों के लिए प्रेरणा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनके अनुभवों ने उपस्थित लोगों को नशामुक्त जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से राजकीय इंटर कॉलेज पौड़ी के छात्र-छात्राओं के मध्य भाषण,निबंध,चित्रकला और नारा लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। प्रतिभागियों ने तंबाकू और नशे के दुष्प्रभावों को अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। निबंध प्रतियोगिता में दिव्यांशु रावत ने प्रथम,रूबीना रावत ने द्वितीय तथा आरुष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में दिव्यांशु रावत प्रथम तथा प्रियांशी द्वितीय स्थान पर रहीं। चित्रकला प्रतियोगिता में मोहित ने प्रथम और कार्तिक कुमार ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। नारा लेखन प्रतियोगिता में आदित्य बिष्ट ने प्रथम तथा निशा ने द्वितीय स्थान हासिल किया। विजेता प्रतिभागियों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.अलीशा,उप प्रधानाचार्य आर.पी.डोबरियाल,पी.सी.जोशी,उपनिरीक्षक संजय असवाल,गैर संचारी रोग परामर्शदाता श्वेता गुसाईं,दिनेश शाह,निम्मी कुकरेती,मनमोहन देवली,आशीष रावत,दुर्गा नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी,कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेते हुए यह संदेश दिया कि स्वस्थ जीवन ही सबसे बड़ी पूंजी है और तंबाकू से दूरी ही स्वास्थ्य सुरक्षा की सबसे मजबूत गारंटी है।