
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
देवप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। देवप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों,नौकरीपेशा युवाओं तथा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक लोगों के लिए एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित सौगात मिली है। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का नया अध्ययन केंद्र स्थापित कर दिया गया है। इसके साथ ही देवप्रयाग क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए द्वार खुल गए हैं और अब विद्यार्थियों को दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत दोनों शिक्षण संस्थान भविष्य में विभिन्न शैक्षणिक,अनुसंधान एवं अकादमिक गतिविधियों का संयुक्त रूप से संचालन करेंगे,जिससे विद्यार्थियों को व्यापक शैक्षणिक अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.नवीन चंद्र लोहनी ने इस अवसर पर कहा कि देवप्रयाग एवं आसपास के क्षेत्रों में अभी तक मुक्त विश्वविद्यालय का अध्ययन केंद्र नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को पौड़ी,श्रीनगर और अन्य स्थानों तक जाना पड़ता था। इससे विशेष रूप से नौकरीपेशा युवाओं,महिलाओं तथा दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में अध्ययन केंद्र खुलने से विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय प्रदेश में शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार नए अध्ययन केंद्र स्थापित कर रहा है और देवप्रयाग में स्थापित यह केंद्र विश्वविद्यालय का 141 वां अध्ययन केंद्र है। इससे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और अधिक से अधिक युवा विभिन्न विषयों में अध्ययन कर सकेंगे। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर के निदेशक प्रो.पी.वी.बी.सुब्रह्मण्यम ने कहा कि वर्तमान में परिसर में लगभग 600 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा एक साथ दो डिग्री पाठ्यक्रम करने की अनुमति मिलने के बाद विद्यार्थियों में विभिन्न विषयों के अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ी है। ऐसे में मुक्त विश्वविद्यालय का अध्ययन केंद्र खुलना विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि अब संस्कृत विषयों का अध्ययन कर रहे विद्यार्थी समानांतर रूप से अर्थशास्त्र,हिंदी,राजनीति विज्ञान,इतिहास तथा अन्य आधुनिक विषयों में भी अध्ययन कर सकेंगे। इससे उनके ज्ञान का दायरा बढ़ेगा और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि परिसर के पुस्तकालय में मुक्त विश्वविद्यालय की अध्ययन सामग्री एवं पुस्तकों के लिए विशेष अनुभाग भी विकसित किया जाएगा। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के पौड़ी क्षेत्रीय निदेशक प्रो.एम.सी.पुरोहित ने कहा कि किसी बड़े शिक्षण संस्थान के भीतर अध्ययन केंद्र स्थापित होने से विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि देवप्रयाग में भी इसी प्रकार की संभावनाएं हैं। यहां परिसर के अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन एवं परामर्श विद्यार्थियों को मिलेगा,जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र के विद्यार्थियों को दूरस्थ अध्ययन के साथ-साथ शैक्षणिक परामर्श,अध्ययन सामग्री और अन्य सुविधाएं भी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं का विस्तार होगा। इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सहायक क्षेत्रीय निदेशक पंकज कुमार,डॉ.वीरेंद्र सिंह बर्त्वाल,डॉ.अवधेश बिजल्वाण सहित दोनों संस्थानों के अनेक शिक्षाविद एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न विषयों की अध्ययन सामग्री भी श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर को उपलब्ध कराई गई। उपस्थित वक्ताओं ने इस पहल को क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इससे देवप्रयाग और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को अपने घर के निकट ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। शिक्षाविदों का मानना है कि यह अध्ययन केंद्र केवल एक शैक्षणिक सुविधा नहीं,बल्कि देवप्रयाग क्षेत्र के शैक्षिक,सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्षेत्र के युवाओं को आत्मनिर्भर बनने,रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्राप्त करने और प्रतिस्पर्धी युग में आगे बढ़ने के लिए नया मंच उपलब्ध होगा।