
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवप्रयाग क्षेत्र में मंगलवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद घायल 12 वर्षीय बालक आयुष्मान जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। गंभीर रूप से घायल बालक का उपचार राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के बेस अस्पताल में चल रहा है,जहां चिकित्सकों की विशेषज्ञ टीम उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है तथा लगातार निगरानी की जा रही है। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह देवप्रयाग क्षेत्र में गंगा होटल दर्शन के समीप हुए हादसे में आयुष्मान गंभीर रूप से घायल हो गया था। दुर्घटना के बाद उसे तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराते हुए दोपहर करीब 12:45 बजे बेस अस्पताल श्रीनगर की इमरजेंसी में लाया गया। अस्पताल पहुंचने के समय बालक अचेत अवस्था में था,जिससे चिकित्सकों के सामने चुनौतीपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने बिना समय गंवाए सर्जरी,ऑर्थोपेडिक और एनेस्थीसिया विभाग की विशेषज्ञ टीमों को उपचार में लगाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक परीक्षण के बाद पाया कि बालक को गंभीर चोटें आई हैं। उसकी सांस लेने की क्षमता प्रभावित होने के कारण एनेस्थीसिया विभाग की टीम ने तत्काल उसकी श्वास नली में ट्यूब डालकर वेंटिलेटर सपोर्ट प्रदान किया,जिससे उसकी जीवनरक्षक प्रक्रिया को स्थिर किया जा सके। इसके बाद चिकित्सकों ने विस्तृत जांच के लिए सीटी स्कैन कराया। जांच रिपोर्ट में दाहिने पैर की जांघ की हड्डी (राइट फीमर) में गंभीर फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों ने तत्काल ट्रैक्शन लगाकर पैर को स्थिर किया,ताकि आगे के उपचार में सुविधा मिल सके। अस्पताल सूत्रों के अनुसार मरीज को आवश्यक रक्त भी चढ़ाया गया है और उसकी सभी महत्वपूर्ण शारीरिक गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि अगले कुछ घंटे और दिन उपचार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मरीज को विशेष निगरानी के लिए आईसीयू में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी जारी है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक आयुष्मान की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे उपचार में जुटी हुई है और मरीज को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस दर्दनाक हादसे की खबर से क्षेत्र में चिंता का माहौल है। परिजन,रिश्तेदार और शुभचिंतक अस्पताल पहुंचकर बालक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। वहीं पूरे क्षेत्र की निगाहें अब चिकित्सकों के प्रयासों और आयुष्मान के स्वास्थ्य में सुधार पर टिकी हुई हैं। फिलहाल बेस अस्पताल के आईसीयू में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे आयुष्मान की सलामती के लिए हर कोई दुआ कर रहा है और उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द ही इस कठिन दौर को पार कर स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच लौटेगा।