शिक्षा से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता पहाड़-एथिक्स यूनिवर्सिटी बन रही युवाओं के सपनों और संभावनाओं का सशक्त केंद्र

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में गुणवत्तापूर्ण,आधुनिक और रोजगारोन्मुखी उच्च शिक्षा के नए युग की शुरुआत करते हुए पौड़ी गढ़वाल के उरेगी पैडुलस्यूं में स्थापित एथिक्स यूनिवर्सिटी तेजी

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में गुणवत्तापूर्ण,आधुनिक और रोजगारोन्मुखी उच्च शिक्षा के नए युग की शुरुआत करते हुए पौड़ी गढ़वाल के उरेगी पैडुलस्यूं में स्थापित एथिक्स यूनिवर्सिटी तेजी से युवाओं की पहली पसंद बनती जा रही है। नैतिक मूल्यों,आधुनिक शिक्षा,अनुसंधान,कौशल विकास और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के अनूठे समन्वय के साथ यह विश्वविद्यालय पहाड़ के विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर भविष्य गढ़ने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रहा है। उत्तराखण्ड शासन द्वारा उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम-2025 के अंतर्गत 3 जुलाई 2025 को स्थापित एथिक्स यूनिवर्सिटी का उद्देश्य केवल डिग्रियां प्रदान करना नहीं,बल्कि ऐसे युवाओं का निर्माण करना है जो ज्ञान,कौशल,नैतिकता और नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण होकर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें। पर्वतीय क्षेत्रों से लगातार हो रहे पलायन को देखते हुए एथिक्स यूनिवर्सिटी ने स्थानीय युवाओं को घर के निकट ही उच्च शिक्षा और रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन का मानना है कि यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,आधुनिक सुविधाएं और रोजगार के अवसर अपने क्षेत्र में उपलब्ध होंगे तो वे न केवल अपने सपनों को साकार करेंगे,बल्कि अपने गांव,समाज और उत्तराखंड के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे। रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का विस्तृत संसार विश्वविद्यालय में वर्तमान समय की मांग और उद्योग जगत की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अनेक जॉब ओरिएंटेड पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें बीबीए,बीकॉम,एमबीए,बीसीए,एमसीए,डिप्लोमा इन आईटी,बीएससी एग्रीकल्चर,एमएससी एग्रीकल्चर,एग्रीकल्चर डिप्लोमा,बीटेक,पॉलिटेक्निक डिप्लोमा,बीएससी (पीसीएम एवं सीबीजेड),होटल मैनेजमेंट,पर्यटन,योग,लाइब्रेरी साइंस,फैशन डिजाइन तथा टेक्सटाइल एंड अपैरल डिजाइन जैसे विविध पाठ्यक्रम शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं,बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण,नवाचार और रोजगार से जुड़ी दक्षताएं भी विकसित की जा रही हैं। सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। विश्वविद्यालय द्वारा पात्र विद्यार्थियों को 70 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है,जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिल सके। शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल सामाजिक समावेशन और प्रतिभा संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित परिसर प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित शांत वातावरण में स्थित विश्वविद्यालय परिसर आधुनिक अधोसंरचना,स्मार्ट क्लासरूम,अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं,पुस्तकालय,खेल सुविधाओं और तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित है। यहां विद्यार्थियों को अनुभवी एवं योग्य शिक्षकों का मार्गदर्शन प्राप्त होता है। साथ ही प्लेसमेंट सहायता,इंटर्नशिप,व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम,सांस्कृतिक गतिविधियां,खेलकूद और नेतृत्व प्रशिक्षण के माध्यम से छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। एथिक्स यूनिवर्सिटी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं माना जाता,बल्कि नैतिकता,सामाजिक उत्तरदायित्व,नवाचार और मानवीय मूल्यों को भी शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। यही सोच इसे अन्य संस्थानों से अलग पहचान प्रदान करती है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.वीनू सिंह ने कहा कि एथिक्स यूनिवर्सिटी का लक्ष्य उत्तराखंड के युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराना है,ताकि वे प्रतिस्पर्धी दुनिया में आत्मविश्वास के साथ अपनी पहचान स्थापित कर सकें। उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि पहाड़ का युवा अवसरों की तलाश में बाहर जाने को मजबूर न हो,बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से अपने क्षेत्र में ही सफलता की नई कहानी लिखे। डॉ.सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय शोध,नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं,बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.पवन कुमार गुप्ता ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है,जहां वे ज्ञान के साथ-साथ जीवन मूल्यों को भी आत्मसात कर सकें। उन्होंने कहा एथिक्स यूनिवर्सिटी शिक्षा,अनुशासन,नवाचार और नैतिकता के समन्वय का एक सशक्त मंच है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी यहां से एक सफल पेशेवर ही नहीं,बल्कि जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनकर निकले। उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों से समय रहते प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने तथा उपलब्ध छात्रवृत्ति योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील भी की। शिक्षा,कौशल,रोजगार और नैतिक मूल्यों के समन्वय के साथ एथिक्स यूनिवर्सिटी उत्तराखंड के उच्च शिक्षा परिदृश्य में एक नई पहचान बना रही है। पहाड़ की गोद में स्थापित यह संस्थान आने वाले वर्षों में न केवल प्रदेश बल्कि देशभर के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान,अनुसंधान और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगारपरक अवसर उपलब्ध कराए जाते रहे तो एथिक्स यूनिवर्सिटी उत्तराखंड में पलायन रोकने और स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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