
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा के बढ़ते यात्री दबाव और आगामी मानसून सीजन को देखते हुए गढ़वाल मंडल प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यात्रियों की सुविधा,नगर क्षेत्रों की स्वच्छता तथा संभावित जलभराव की समस्याओं के समाधान को लेकर गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं। बुधवार को मंडल मुख्यालय पौड़ी से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में आयुक्त ने गढ़वाल मंडल के विभिन्न नगर निकायों और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मानसून पूर्व तैयारियों तथा चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान जलभराव और अव्यवस्था की स्थिति न बने,इसके लिए अभी से प्रभावी रणनीति पर काम करना आवश्यक है। आयुक्त ने सभी नगर निकायों को अपने क्षेत्रों में जलभराव संभावित स्थानों का चिन्हीकरण कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में त्वरित राहत और जल निकासी सुनिश्चित करने के लिए पंपिंग सेट,मोटर पंप तथा अन्य आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखी जाए। बैठक में आयुक्त ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों (एसटीपी) की सुरक्षा को भी गंभीरता से लेते हुए सभी इकाइयों का नियमित विद्युत ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान विद्युत सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक बड़े खतरे का कारण बन सकती है,इसलिए सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए आयुक्त ने नगर निकायों को नालों और नालियों की व्यापक सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा से पूर्व जल निकासी तंत्र को पूरी तरह दुरुस्त करना आवश्यक है,ताकि भारी बारिश के दौरान सड़कों,बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही उन्होंने सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई,स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और विद्युत व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। आयुक्त ने कहा कि मानसून केवल जलभराव की चुनौती नहीं लाता,बल्कि विभिन्न संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसे देखते हुए सभी निकाय क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं तथा लोगों को साफ-सफाई,सुरक्षित पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक किया जाए। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत आयुक्त ने यात्रा मार्गों से जुड़े नगर निकायों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों को स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रमुख स्थानों पर सूचना एवं दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएं तथा पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान स्थापित किए जाएं। उन्होंने स्वच्छता मानकों के कठोर अनुपालन पर बल देते हुए कहा कि यात्रा मार्गों पर कहीं भी गंदगी या अव्यवस्था दिखाई नहीं देनी चाहिए। बैठक में निर्माणदायी संस्थाओं को क्षतिग्रस्त नालियों,जल निकासी संरचनाओं तथा आंतरिक सड़कों की शीघ्र मरम्मत के निर्देश भी दिए गए। आयुक्त ने कहा कि टूटी हुई नालियां और अवरुद्ध जल निकासी तंत्र बरसात के समय बड़ी समस्या का कारण बनते हैं,इसलिए इनकी मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर की जाए। इसके अलावा पार्किंग स्थलों की नियमित सफाई,ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण,पेयजल गुणवत्ता की नियमित जांच तथा जनभागीदारी आधारित स्वच्छता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की गई। आयुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मानसून पूर्व किए जा रहे कार्यों की नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और प्रत्येक स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाए,ताकि चारधाम यात्रा और मानसून के दौरान आम जनता तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में अपर आयुक्त (प्रशासन) उत्तम सिंह चौहान,विभिन्न जिलों के अपर जिलाधिकारी,नगर निगमों के आयुक्त,नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।