
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भंडारी
श्रीनगर गढ़वाल। कभी कूड़े के ढेर और सीमित संसाधनों की चुनौतियों से जूझने वाला श्रीनगर नगर निगम आज पूरे उत्तराखंड में सुशासन,स्वच्छता और नवाचार का प्रतीक बनकर उभरा है। देहरादून में शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश के सभी नगर निगमों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में श्रीनगर नगर निगम के कार्यों की जिस तरह खुलकर सराहना हुई,उसने नगर निगम की उपलब्धियों को नई पहचान दिलाई है। बैठक में शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रीनगर नगर निगम ने सीमित संसाधनों और अपेक्षाकृत कम बजट के बावजूद जिस प्रकार विकास के नए मानक स्थापित किए हैं,वह प्रदेश के अन्य नगर निगमों के लिए अनुकरणीय उदाहरण है। विशेष रूप से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन,लेगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण और वेस्ट-टू-वंडर अवधारणा पर विकसित रजत जयंती पार्क को विकास एवं पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट मॉडल बताया गया। श्रीनगर नगर निगम की सबसे बड़ी उपलब्धि उस ऐतिहासिक परिवर्तन को माना गया,जिसके तहत शहर के मध्य स्थित वर्षों पुराने अस्थायी ट्रेंचिंग ग्राउंड और लगभग 18 हजार टन लेगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक निस्तारण किया गया। कभी दुर्गंध और गंदगी के कारण लोगों की परेशानी का केंद्र रहा यह क्षेत्र आज आकर्षक वेस्ट टू वंडर रजत जयंती पार्क के रूप में विकसित होकर शहर की नई पहचान बन गया है। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सौंदर्यीकरण को साथ लेकर चलने वाला यह कार्य प्रदेश में एक अनूठा उदाहरण है,जिससे अन्य नगर निकायों को प्रेरणा लेनी चाहिए। बैठक के दौरान महापौर आरती भण्डारी ने निगम की वास्तविक चुनौतियों को भी मजबूती से रखा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में नगर पालिका से नगर निगम बनने के बाद श्रीनगर में 21 नए ग्राम क्षेत्रों को शामिल किया गया,जिससे क्षेत्रफल और जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ गई। इसके बावजूद निगम को आज भी लगभग पालिका स्तर के अनुरूप ही बजट प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी,विस्तारित क्षेत्र और नई आवश्यकताओं को देखते हुए बजट में वृद्धि अत्यंत आवश्यक है,ताकि विकास कार्यों को और गति मिल सके तथा नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जा सके। महापौर आरती भण्डारी ने बैठक में बताया कि निगम ने उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए रजत जयंती पार्क,गौशाला,एबीसी सेंटर,लेगेसी वेस्ट निस्तारण,स्ट्रीट लाइट व्यवस्था और विभिन्न जनहितकारी परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया है। उन्होंने निगम के नए कार्यालय भवन के निर्माण तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप श्रीनगर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। इस पर शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए दोनों योजनाओं के लिए शीघ्र बजट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। बैठक में नगर निगम श्रीनगर की उपलब्धियों के पीछे महापौर आरती भण्डारी की सक्रिय नेतृत्व क्षमता तथा नगर आयुक्त नूपुर वर्मा की प्रशासनिक दक्षता की भी खुलकर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि निगम प्रशासन ने उपलब्ध बजट का पूर्ण उपयोग जनहित और विकास कार्यों में किया है तथा योजनाओं को धरातल पर उतारने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। महापौर आरती भण्डारी ने कहा कि नगर निगम ने सदैव जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सीमित संसाधनों के बावजूद विकास कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर नगर निगम को पूरे प्रदेश में मॉडल नगर निगम के रूप में पहचान मिलना निगम की पूरी टीम की मेहनत और जनता के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में श्रीनगर को स्वच्छ,सुंदर,आधुनिक एवं सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में और भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। नगर आयुक्त नूपुर वर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि नगर निगम की पूरी टीम के समर्पण और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि महापौर आरती भण्डारी की दूरदर्शी सोच और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने निगम को नए आयाम स्थापित करने की प्रेरणा दी है। उन्होंने बताया कि सचिव नितेश झा,निदेशक शहरी विकास विनोद गोस्वामी तथा जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति भदौरिया के सतत मार्गदर्शन,निगरानी और सहयोग से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका। भविष्य में भी निगम का लक्ष्य श्रीनगर को स्वच्छ,पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक नगर के रूप में स्थापित करना रहेगा। बैठक में सचिव नितेश झा,निदेशक शहरी विकास विभाग विनोद गोस्वामी,नगर आयुक्त नूपुर वर्मा,सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी,मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार सहित प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौर एवं नगर आयुक्त उपस्थित रहे।