बेस अस्पताल श्रीकोट की बड़ी लापरवाही उजागर-सामान्य कूड़े में मिला खतरनाक मेडिकल वेस्ट

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भंडारी श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर गढ़वाल स्थित बेस चिकित्सालय श्रीकोट में सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामले का खुलासा हुआ है। अस्पताल परिसर से निकलने वाले खतरनाक

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भंडारी

श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर गढ़वाल स्थित बेस चिकित्सालय श्रीकोट में सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामले का खुलासा हुआ है। अस्पताल परिसर से निकलने वाले खतरनाक बायोमेडिकल वेस्ट को निर्धारित वैज्ञानिक प्रक्रिया के बजाय नगर निगम की सामान्य कूड़ा गाड़ी में डालकर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। यदि यह मामला समय रहते पकड़ में नहीं आता तो सफाई कर्मियों,पर्यावरण मित्रों और आम नागरिकों के बीच संक्रमण फैलने का बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। नगर निगम की सतर्कता के चलते यह गंभीर लापरवाही उजागर हुई,जिसके बाद निगम प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित फर्म पर 50 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया और कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार ने बताया कि 23 जून को नियमित निरीक्षण के दौरान ट्रेंचिंग ग्राउंड का निरीक्षण किया जा रहा था। इसी दौरान शाम के समय बेस अस्पताल श्रीकोट से आई कूड़ा गाड़ी में नीले, पीले,लाल और हरे रंग के बैग दिखाई दिए। संदेह होने पर जब बैगों की जांच की गई तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। जांच में बड़ी मात्रा में बिना नष्ट की गई सिरिंज,कैन्यूला,ड्रिप की बोतलें,यूरिन बैग,बीटाडिन की बोतलें,खून से सने ग्लव्स,संक्रमित कॉटन,बैंडेज सहित अन्य बायोमेडिकल कचरा बरामद हुआ। यह ऐसा खतरनाक मेडिकल वेस्ट था,जिसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाना अनिवार्य है। विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार के संक्रमित कचरे के संपर्क में आने से हेपेटाइटिस,एचआईवी सहित कई गंभीर संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 के तहत प्रत्येक बल्क वेस्ट जनरेटर को अपने खतरनाक कचरे का सुरक्षित एवं अधिकृत एजेंसी के माध्यम से निस्तारण कराना अनिवार्य है। इसके बावजूद अस्पताल से जुड़ी संबंधित एजेंसी द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए मेडिकल वेस्ट को सामान्य घरेलू कूड़े के साथ भेजा जा रहा था,जो कानून का गंभीर उल्लंघन है। नगर निगम द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि बेस अस्पताल में कार्यरत मैसर्स निर्मल फैसिलिटी द्वारा जानबूझकर मेडिकल वेस्ट को नगर निगम के सामान्य कूड़ा वाहन में डाला गया। इस पूरे मामले के जीपीएस आधारित फोटोग्राफिक साक्ष्य भी निगम के पास सुरक्षित हैं,जिसके आधार पर संबंधित फर्म पर 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। नगर निगम की महापौर आरती भण्डारी ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं,बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने कहा मेडिकल वेस्ट को सामान्य कूड़े में मिलाना अत्यंत अमानवीय और गैर-जिम्मेदाराना कृत्य है। इससे सफाई कर्मियों,पर्यावरण मित्रों और आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ सकती है। मैंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। महापौर ने यह भी दोहराया कि नगर निगम सार्वजनिक स्वास्थ्य,स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति,संस्था या एजेंसी के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं,बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। यदि समय रहते नगर निगम की टीम सतर्कता नहीं दिखाती,तो संक्रमित मेडिकल कचरा कई लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता था। ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित एजेंसी और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है।

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