
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। विश्वप्रसिद्ध नीलकंठ महादेव कांवड़ यात्रा को सुरक्षित,सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लाखों शिवभक्तों के आगमन से पूर्व यात्रा मार्ग की प्रत्येक व्यवस्था को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से मंगलवार को जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने नीलकंठ महादेव मंदिर क्षेत्र का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क,पैदल मार्ग,स्वच्छता,पेयजल,विद्युत,ट्रैफिक,पार्किंग,सुरक्षा,संचार नेटवर्क,स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए अधिकारियों को समयबद्ध,गुणवत्तापूर्ण एवं समन्वित ढंग से कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाली कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं,बल्कि प्रशासन की कार्यक्षमता और जनसेवा की बड़ी परीक्षा भी है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा,सुविधा और निर्बाध आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता होगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंदिर परिसर एवं आसपास इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने के कार्य का निरीक्षण करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शार्प टर्न,पैदल मार्गों और भीड़भाड़ वाले स्थलों पर यात्रा शुरू होने से पूर्व निर्माण कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने सड़क के गड्ढों की तत्काल मरम्मत,जलभराव वाले स्थानों पर पैचवर्क,नालियों की व्यापक सफाई तथा प्रभावी जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने अवगत कराया कि नीलकंठ मार्ग की टॉप लेयर मरम्मत का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य भी निर्धारित समय में पूरे कर लिए जाएंगे। जिलाधिकारी ने पुंडरासू से नीलकंठ आने वाले पैदल मार्ग का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा स्वीकृत धनराशि से वन विभाग एवं विकासखंड के माध्यम से निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है,जिसे एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने मार्ग पर मजबूत रेलिंग,पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था,दिशासूचक संकेतक बोर्ड तथा संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंदिर के पीछे चल रहे लीगेसी वेस्ट निस्तारण कार्य का निरीक्षण करते हुए 25 जुलाई तक पूरे क्षेत्र की सफाई पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। विशेष स्वच्छता अभियान निरंतर जारी रखते हुए पर्याप्त सफाई कर्मियों की तैनाती,नियमित कूड़ा उठान तथा प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त कूड़ेदान स्थापित किए जाएं। बिजली एवं पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति,पर्याप्त पेयजल उपलब्धता,शौचालयों में नियमित जलापूर्ति तथा स्थायी शौचालयों में स्थायी जल कनेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। जिला पंचायत पार्किंग एवं शौचालयों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने संभावित भीड़ को देखते हुए पार्किंग प्रबंधन को वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित बनाने,पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था,साफ-सफाई तथा आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही पैदल मार्गों पर पुलियों को मजबूत करने,भू-कटाव वाले क्षेत्रों के उपचार और वर्षाजल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। यातायात व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने टैक्सी-मैक्सी संचालकों से संवाद कर ट्रैफिक प्लान साझा किया। उन्होंने पुलिस एवं परिवहन विभाग को समन्वित यातायात योजना लागू करने,प्रमुख चौराहों एवं डायवर्जन स्थलों पर स्पष्ट दिशासूचक बोर्ड लगाने तथा भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दूरसंचार सेवाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने जियो,एयरटेल सहित विभिन्न मोबाइल सेवा प्रदाताओं के प्रतिनिधियों को यात्रा क्षेत्र में नेटवर्क क्षमता बढ़ाने,आवश्यकता पड़ने पर अस्थायी मोबाइल टावर स्थापित करने तथा निर्बाध संचार व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए,ताकि आपात स्थिति में संपर्क व्यवस्था प्रभावित न हो। पुलिस कंट्रोल रूम एवं पुलिस चौकी का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने सभी सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता,पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) तथा आपातकालीन सेवा 112 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील स्थलों और पैदल मार्गों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए,जिससे सुरक्षा निगरानी और लापता श्रद्धालुओं की खोज में आसानी हो सके। स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को यात्रा अवधि के दौरान प्राथमिक उपचार केंद्रों,एंबुलेंस,विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीमों एवं आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संभावित वर्षा एवं आपदा की स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को पूर्ण रूप से तैयार रखने को कहा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नीलकंठ महादेव मंदिर के महंत सुभाष पुरी से भी भेंट कर यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में सुझाव प्राप्त किए तथा अधिकारियों को नियमित समीक्षा एवं समयबद्ध कार्य निष्पादन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित,स्वच्छ,व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है,जिससे विश्वप्रसिद्ध कांवड़ यात्रा सकुशल एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। निरीक्षण के दौरान एसडीएम चतर सिंह चौहान,एएसपी मनोज ठाकुर,अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग निर्भय सिंह,जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अभिषेक वर्मा,एएमए जिला पंचायत संजय खंडूरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने सभी विभागों को यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व प्रत्येक व्यवस्था का ड्राई रन सुनिश्चित करने तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसी भी चुनौती का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए।