
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति और प्रकृति के प्रति आस्था के प्रतीक हरेला महापर्व को हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में गुरुवार को पूरे उत्साह,उमंग और पर्यावरण संरक्षण के दृढ़ संकल्प के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय परिसर हरियाली के संदेश से सराबोर हो उठा,जहां कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह के नेतृत्व में वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाकर प्रकृति संरक्षण और सतत विकास का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने परिसर में पौधारोपण कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हरेला केवल उत्तराखण्ड का पारंपरिक लोकपर्व नहीं,बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी संवेदनशीलता,पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक चेतना और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते पर्यावरणीय संकट के दौर में प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार से हरित परिसर निर्माण के इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के संयोजक चौरास परिसर के निदेशक एवं स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर एंड एलाइड साइंस के संकायाध्यक्ष प्रो.राजेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि हरेला जैसे लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर पर्यावरण संरक्षण,जैव विविधता के संवर्धन तथा हरित परिसर के निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना ही नहीं,बल्कि विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व और पर्यावरणीय चेतना का विकास करना भी है। उद्यान विभाग के विभागाध्यक्ष एवं गार्डन सेक्शन समन्वयक डॉ.डी.के.राणा ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में चरणबद्ध तरीके से औषधीय,फलदार,छायादार एवं सजावटी पौधों का व्यापक स्तर पर रोपण किया जा रहा है। इससे परिसर की हरियाली बढ़ने के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण,स्वच्छ वातावरण और पारिस्थितिक संतुलन को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो.वाई.पी.रवानी,अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गोसाईं,मुख्य नियन्ता प्रो.दीपक कुमार,मुख्य छात्रावास अधीक्षक डॉ.सुरेन्द्र सिंह बिष्ट,संकायाध्यक्ष इंजीनियरिंग प्रो.एम.एस.रौथाण,संकायाध्यक्ष प्रबंधन प्रो.रश्मि ढोढ़ी,वित्त अधिकारी डॉ.ए.के.मोहंती,परीक्षा नियंत्रक डॉ. गौतम वीर,खेल निदेशक प्रो.जे.पी.मेहता,वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो.एन.एस.पंवार,प्रो.ए.के.नेगी,प्रभारी अधिशासी अभियंता प्रो.बृजेश गंगिल,शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ.विजय ज्योति,गैर-शिक्षण कर्मचारी संघ अध्यक्ष,डॉ.देवेन्द्र फरस्वाण,डॉ.सुदीप सेमवाल,लक्ष्मी प्रसाद भट्ट,राजेन्द्र सिंह रावत सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक,अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के शोधार्थियों,छात्र-प्रतिनिधियों एवं विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक पौधारोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। सभी ने यह संकल्प दोहराया कि लगाए गए पौधों का संरक्षण और संवर्धन भी उतनी ही जिम्मेदारी से किया जाएगा,ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ,सुरक्षित और हरित वातावरण मिल सके। हरेला महापर्व के इस प्रेरणादायी आयोजन के माध्यम से विश्वविद्यालय ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शिक्षा के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण,पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास के प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व निभाना भी उच्च शिक्षण संस्थानों का महत्वपूर्ण दायित्व है। विश्वविद्यालय का यह हरित अभियान उपस्थित सभी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।