
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मानसून के सक्रिय होते ही संभावित प्राकृतिक आपदाओं से जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पौड़ी जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 22 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा 23 जुलाई के लिए रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के निर्देशन में जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करते हुए आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। इसी क्रम में रविवार को अपर जिलाधिकारी एफ.आर.चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में संभावित अतिवृष्टि,भूस्खलन,सड़क अवरोध,विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बाधित होने जैसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभागवार तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में विलंब या लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग अपने मानव संसाधनों,मशीनरी एवं आवश्यक उपकरणों के साथ पूरी तरह तैयार रहें तथा आपसी समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सभी एम्बुलेंस सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट रखा जाए तथा जिला अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों,चिकित्सकों,पैरामेडिकल स्टाफ एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं को सुदृढ़ रखा जाए,ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। विद्युत एवं पेयजल विभाग को निर्देशित किया गया कि संभावित अतिवृष्टि के दौरान बिजली एवं पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर आवश्यक सेवाओं को शीघ्र बहाल किया जाए,जिससे आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा का सामना करना पड़े। बैठक में लोक निर्माण विभाग,राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण,प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) तथा अन्य निर्माण एजेंसियों को संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में पहले से ही जेसीबी मशीनें,ऑपरेटर,पोकलेन एवं अन्य आवश्यक मशीनरी तैनात रखने के निर्देश दिए गए। उद्देश्य यह है कि यदि किसी स्थान पर सड़क अवरुद्ध होती है तो उसे तत्काल खोलकर यातायात सुचारु किया जा सके। अपर जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों,तहसीलदारों,खंड विकास अधिकारियों,राजस्व उपनिरीक्षकों एवं क्षेत्रीय कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने,नदी-नालों के जलस्तर,भूस्खलन संभावित स्थलों तथा संवेदनशील गांवों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। साथ ही किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला आपदा नियंत्रण कक्ष तक पहुंचाने तथा त्वरित राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने को कहा गया। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करें,अनावश्यक यात्रा से बचें,नदी-नालों एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन एवं आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचित करें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संभावित अतिवृष्टि को देखते हुए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रशासन का पूरा प्रयास रहेगा कि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के माध्यम से जन-धन की हानि को न्यूनतम रखा जा सके तथा आम नागरिकों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जाए।