
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर राष्ट्रीय मेडिकोज संगठन एनएमओ,वीसीएसजी राजकीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान मेडिकल कॉलेज श्रीनगर इकाई द्वारा सोमवार को मेडिकल कॉलेज परिसर में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण,प्रकृति संवर्धन और हरित भविष्य का प्रेरक संदेश दिया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों,संकाय सदस्यों,कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण का भी सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के प्राचार्य एवं एनएमओ के संरक्षक डॉ.आशुतोष सयाना के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ.सौरभ सचर उपाध्यक्ष का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ,जबकि कार्यक्रम का सफल समन्वय डॉ.अमन भारद्वाज सचिव द्वारा किया गया। पूरे आयोजन में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व और जन-जागरूकता की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तरुण ने कहा कि उत्तराखण्ड का लोकपर्व हरेला केवल एक सांस्कृतिक परंपरा नहीं,बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था,कृतज्ञता और जीवन दर्शन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन,बढ़ते प्रदूषण और घटते वन क्षेत्र जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक नागरिक को अधिकाधिक वृक्ष लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित,स्वस्थ और स्वच्छ भविष्य की अमूल्य धरोहर बनता है। वृक्षारोपण अभियान के दौरान महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के छायादार एवं पर्यावरणीय दृष्टि से उपयोगी पौधे रोपे गए। विद्यार्थियों में अभिषेक,श्याम सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। सभी प्रतिभागियों ने पौधों की नियमित सिंचाई,सुरक्षा और संरक्षण का भी संकल्प लिया। इस अवसर पर एनएमओ के पदाधिकारियों ने कहा कि चिकित्सक केवल रोगों का उपचार ही नहीं करते,बल्कि स्वस्थ समाज और स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हरेला जैसे पर्व हमें प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने,जैव विविधता के संरक्षण तथा पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति समाज को जागरूक करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले,तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य काफी हद तक प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों ने हरेला पर्व की परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण,जल संरक्षण,स्वच्छता तथा पर्यावरण संवर्धन का सामूहिक संदेश दिया। पूरे परिसर में हरियाली,उत्साह और प्रकृति के प्रति समर्पण का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प लेने के साथ हुआ। उपस्थित जनों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को नई ऊर्जा प्रदान करने के साथ-साथ समाज में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हरेला पर्व पर एनएमओ द्वारा आयोजित यह वृक्षारोपण अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहा,बल्कि प्रकृति संरक्षण,सामाजिक उत्तरदायित्व और हरित भविष्य के निर्माण के सामूहिक संकल्प का प्रेरणादायी संदेश बनकर उभरा।