
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं तो केवल एक परिवार नहीं,बल्कि पूरा समाज और राष्ट्र सशक्त होता है। आर्थिक स्वावलंबन,आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण मातृशक्ति ही विकसित भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की सबसे मजबूत नींव है। इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाएं महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। यह बात प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने बुधवार को विकासखंड मुख्यालय एकेश्वर (पणखेत) में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विकासखंडों से स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करने वाली 48 लखपति दीदियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित नूतन तनू पंत सहित समाज सेवा,महिला सशक्तिकरण और जनहित के कार्यों में योगदान देने वाली 48 वरिष्ठ महिलाओं का भी सम्मान किया गया। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि लखपति दीदी योजना का उद्देश्य केवल महिलाओं की आय बढ़ाना नहीं है,बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर,सामाजिक रूप से सशक्त और नेतृत्व की भूमिका निभाने योग्य बनाना भी है। उन्होंने कहा कि आज देशभर में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करोड़ों महिलाएं अपने परिश्रम,कौशल और उद्यमिता के बल पर न केवल अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं,बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाएं संचालित की गई हैं। उज्ज्वला योजना,प्रधानमंत्री जन-धन योजना,प्रधानमंत्री मुद्रा योजना,स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन,नमो ड्रोन दीदी योजना तथा लखपति दीदी अभियान जैसी योजनाओं ने लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाएं आज रोजगार मांगने वाली नहीं,बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाली उद्यमी बन रही हैं। सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति सदैव परिश्रमी,संघर्षशील और साहसी रही है। पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाएं खेती,पशुपालन,लघु उद्यम और परिवार की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करती रही हैं। अब आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें आधुनिक तकनीक,कौशल प्रशिक्षण,विपणन व्यवस्था और वित्तीय सहायता से जोड़कर उनकी क्षमता को और अधिक विस्तार दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ें,स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दें,स्वरोजगार अपनाएं तथा वोकल फॉर लोकल अभियान के माध्यम से अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती से गांवों की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी और उत्तराखंड आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार महिलाओं को सम्मान,सुरक्षा,शिक्षा,स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जब मातृशक्ति सशक्त होगी तभी समाज,राज्य और राष्ट्र समृद्ध एवं विकसित बन सकेगा। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण,स्वरोजगार और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई तथा महिलाओं को सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। सम्मेलन में सम्मानित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ समाज में नई पहचान मिली है। इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष सीमा सजवाण,मोहिना रावत,भाजपा जिला अध्यक्ष प्रमिला भण्डारी,महिला मोर्चा गढ़वाल संयोजक प्रभारी रेखा डंगवाल,जिला सह प्रभारी सुनीता कोटनाला,जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला,महामंत्री महिपाल सिंह नेगी,सम्मेलन संयोजक रेनू घिल्डियाल,सतपुली मंडल अध्यक्ष पुष्पा असवाल,पोखड़ा मंडल अध्यक्ष नीलम रावत,बीरोंखाल मंडल अध्यक्ष मीना गुसाईं,भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश नैथानी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि,महिला मोर्चा की पदाधिकारी,स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं और स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री मधुबाला एवं रजनी मौर्य ने संयुक्त रूप से किया।