
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हों,यदि हौसले बुलंद हों और सही समय पर सही सहयोग मिल जाए तो असफलता भी सफलता की सीढ़ी बन जाती है। उत्तराखंड सरकार की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ऐसी ही उम्मीद की किरण बनकर अनेक युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है। कोटद्वार निवासी महेश कुमार की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है,जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण पूरी तरह ठप हो चुके अपने कारोबार को न केवल दोबारा खड़ा किया,बल्कि आज वे एक सफल उद्यमी के रूप में स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना जनपद पौड़ी गढ़वाल में रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बन रही है। इस योजना ने अनेक युवाओं को अपना व्यवसाय स्थापित करने का अवसर दिया है और महेश कुमार की सफलता इसकी सबसे प्रेरक कहानियों में से एक है। महेश कुमार ने अपने व्यावसायिक जीवन की शुरुआत छोटे-छोटे कारोबारों से की, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। वर्ष 2019 में उन्होंने एक छोटे रेस्टोरेंट की शुरुआत की,जो धीरे-धीरे ग्राहकों के बीच अपनी पहचान बना रहा था। तभी कोविड-19 महामारी ने पूरे देश की तरह उनके व्यवसाय को भी गहरा आघात पहुंचाया। लंबे समय तक बंदी के कारण उन्हें अपना रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा और आर्थिक संकट ने उनके सामने भविष्य को लेकर गंभीर चुनौती खड़ी कर दी। इसी कठिन दौर में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना उनके लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई। वर्ष 2022 में उन्होंने जिला उद्योग केंद्र,कोटद्वार से संपर्क किया। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें योजना की विस्तृत जानकारी देने के साथ आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया। योजना के अंतर्गत उन्हें 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ,जिसकी सहायता से उन्होंने आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नया रेस्टोरेंट स्थापित किया। आज महेश कुमार का रेस्टोरेंट न केवल सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है,बल्कि उसका वार्षिक कारोबार लगभग 90 लाख से एक करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उनके प्रतिष्ठान में स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिला है,जिससे स्वरोजगार के साथ-साथ रोजगार सृजन का उद्देश्य भी पूरा हो रहा है। महेश कुमार भावुक होकर कहते हैं कि यदि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का सहयोग और जिला उद्योग केंद्र का मार्गदर्शन नहीं मिलता,तो कोविड महामारी के बाद दोबारा व्यवसाय शुरू करना उनके लिए लगभग असंभव था। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी,बल्कि टूटे हुए आत्मविश्वास को फिर से मजबूत किया और जीवन में आगे बढ़ने का नया साहस भी दिया। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि सरकार की योजनाओं का सही लाभ उठाया जाए तो कठिन से कठिन परिस्थितियों को भी अवसर में बदला जा सकता है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं,बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का सपना भी साकार होता दिखाई दे रहा है। महाप्रबंधक उद्योग सोमनाथ गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में जनपद पौड़ी गढ़वाल लगातार तीन वर्षों से प्रदेश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। प्रत्येक वर्ष शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है। चालू वित्तीय वर्ष में जनपद को 725 लाभार्थियों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है,जिसे समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए विभाग पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं,महिलाओं तथा इच्छुक उद्यमियों को योजना से जोड़ने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। योजना के माध्यम से लाभार्थियों ने रेस्टोरेंट,व्यायामशाला,टैक्सी सेवा,ई-रिक्शा संचालन,छायांकन,सेवा क्षेत्र तथा लघु उद्योग आधारित अनेक उद्यम स्थापित किए हैं। इससे न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा मिला है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। महेश कुमार की संघर्ष से सफलता तक की यह कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प,अथक परिश्रम और सरकार की योजनाओं का सही उपयोग किसी भी व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकता है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना वास्तव में उत्तराखंड के युवाओं के सपनों को साकार करने और आत्मनिर्भर राज्य के निर्माण की मजबूत आधारशिला बनती जा रही है।