एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में अनुशासन पर सख्ती,नए सत्र से पहले सुरक्षा और रैगिंग रोकथाम का का व्यापक खाका तैयार

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के शुभारंभ से पूर्व परिसर में अनुशासन,सुरक्षा,रैगिंग पर प्रभावी रोक तथा विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं सकारात्मक

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के शुभारंभ से पूर्व परिसर में अनुशासन,सुरक्षा,रैगिंग पर प्रभावी रोक तथा विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी उद्देश्य से गुरुवार को विश्वविद्यालय के बिरला परिसर स्थित नियंता मंडल कार्यालय में मुख्य नियंता प्रोफेसर दीपक कुमार की अध्यक्षता में नियंता मंडल (प्रॉक्टोरियल बोर्ड) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई,जिसमें नए सत्र के दौरान लागू की जाने वाली व्यापक कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श कर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता विद्यार्थियों को भयमुक्त,अनुशासित और उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए परिसर में अनुशासन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने,सुरक्षा तंत्र को सक्रिय रखने तथा प्रत्येक छात्र-छात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियंता मंडल की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य नियंता प्रोफेसर दीपक कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय की गरिमा,अनुशासन और पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखना प्रत्येक सदस्य की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नियंता मंडल का प्रत्येक सदस्य पूर्ण निष्ठा,निष्पक्षता एवं उत्तरदायित्व की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेगा,ताकि परिसर में अध्ययन-अध्यापन का वातावरण सदैव शांत,सुरक्षित एवं प्रेरणादायक बना रहे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ होते ही नियंता मंडल के सदस्य बिरला एवं चौरास परिसरों में नियमित भ्रमण करेंगे। शैक्षणिक भवनों,पुस्तकालयों,छात्रावासों,प्रवेश द्वारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों का समय-समय पर निरीक्षण कर अनुशासन व्यवस्था की सतत निगरानी की जाएगी। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो,इसके लिए विभिन्न स्थानों पर नियंता मंडल के सदस्य नियमित रूप से उपस्थित रहकर आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग भी प्रदान करेंगे। बैठक में विश्वविद्यालय की आचार संहिता एवं सभी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। रैगिंग के विरुद्ध विश्वविद्यालय की शून्य सहिष्णुता नीति को दोहराते हुए कहा गया कि किसी भी प्रकार की रैगिंग अथवा उत्पीड़न की घटना को गंभीरता से लिया जाएगा और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के रैगिंग निषेध संबंधी सभी प्रावधानों का कठोरता से पालन कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर छात्रावासों एवं अन्य संवेदनशील स्थलों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे,जिनमें अनुशासन,रैगिंग निषेध,लैंगिक संवेदनशीलता,नैतिक आचरण,विद्यार्थियों के अधिकार एवं कर्तव्य तथा विश्वविद्यालय की आचार संहिता की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही परिसर में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता,अभद्र व्यवहार,उत्पीड़न अथवा अन्य अवांछनीय गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विश्वविद्यालय सुरक्षा प्रकोष्ठ,छात्रावास अधीक्षकों,विभागाध्यक्षों,प्रवेश प्रकोष्ठ तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी सहमति बनी। परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों सहित सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि अनुशासन से जुड़े सभी मामलों का विधिवत अभिलेखीकरण किया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया,परीक्षाओं,सांस्कृतिक एवं खेलकूद गतिविधियों सहित विश्वविद्यालय के सभी प्रमुख आयोजनों के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी। समय-समय पर नियंता मंडल की समीक्षा बैठकें आयोजित कर सुरक्षा एवं अनुशासन व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही परिसर में अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं के लिए अपना पहचान-पत्र सदैव साथ रखना अनिवार्य होगा। बैठक के अंत में मुख्य नियंता प्रोफेसर दीपक कुमार ने सभी सदस्यों से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा,अनुशासन एवं विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही विश्वविद्यालय को सुरक्षित,अनुशासित एवं उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने सभी सदस्यों के रचनात्मक सुझावों एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। बैठक में उप मुख्य नियंता प्रोफेसर ममता आर्या सहित नियंता मंडल के सदस्य डॉ.डी.के.राणा,डॉ.मनीषा निगम,डॉ.आलोक सागर गौतम,डॉ.कमाल अहमद,डॉ.ओम प्रकाश,डॉ.नितेश बौठियाल,डॉ.पुनीत वालिया,डॉ.दिनेश चौधरी,डॉ.रुकमणी,डॉ.गांधी चौहान,डॉ.ऋतु मिश्रा तथा डॉ.धीरज शर्मा उपस्थित रहे।

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