
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा का प्रमुख पड़ाव और ऐतिहासिक नगर श्रीनगर गढ़वाल एक बार फिर मूलभूत नागरिक सुविधाओं की अनदेखी को लेकर चर्चा में है। नगर निगम के वार्ड संख्या-29 में पराग डेयरी से चुंगी तक बरसाती एवं गंदे पानी की निकासी के लिए पक्की,गहरी एवं ढकी हुई नाली निर्माण की वर्षों पुरानी मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। लगभग दो वर्षों से लगातार ज्ञापन,शिकायतें,अधिकारियों से मुलाकात और निरीक्षण के बावजूद समाधान नहीं होने से क्षेत्रवासियों का धैर्य जवाब दे गया। हाल ही में हुई बारिश के दौरान पूरे क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने के बाद लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सड़कों पर पानी भर गया,घरों और दुकानों के आसपास गंदा पानी जमा हो गया तथा आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इससे एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया कि पराग डेयरी से चुंगी तक स्थायी जल निकासी व्यवस्था समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। मंगलवार को पार्षद पूजा किमोठी के नेतृत्व में स्थानीय नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिशासी अभियंता को पुनः ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल नाली निर्माण की मांग की। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 2024 से अब तक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण,जिलाधिकारी,उपजिलाधिकारी और नगर निगम को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं। अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया और समाधान का आश्वासन भी दिया,लेकिन धरातल पर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ। इसी बीच समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता सूरज किमोठी ने बुधवार सुबह लगभग 10 बजे से शाम 6 बजे तक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कार्यालय के बाहर अनशन शुरू कर दिया। उल्लेखनीय है कि लगातार बारिश के बावजूद वे अपने अनशन पर डटे रहे और क्षेत्रवासियों की समस्या के समाधान की मांग उठाते रहे। उनके अनशन और स्थानीय लोगों के बढ़ते दबाव के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचे और पराग डेयरी क्षेत्र में तत्काल जेसीबी मशीन लगाकर नाली मार्ग में जमा मिट्टी हटाने का कार्य शुरू कराया। अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि नाली निर्माण का स्थायी कार्य भी शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पराग डेयरी से चुंगी तक नाली न होने के कारण हर बरसात में पानी सड़क पर बहता हुआ आवासीय क्षेत्रों और दुकानों तक पहुंच जाता है। कई स्थानों पर जलभराव के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। इतना ही नहीं,कुछ स्थानों पर सेप्टिक टैंकों एवं शौचालयों का पानी भी सड़क पर फैलने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है,जिससे यह समस्या जनस्वास्थ्य से भी जुड़ गई है। पार्षद पूजा किमोठी ने कहा कि यह किसी एक परिवार या मोहल्ले की समस्या नहीं,बल्कि हजारों लोगों के जीवन से जुड़ा मुद्दा है। पिछले दो वर्षों से लगातार जनहित में प्रयास किए जा रहे हैं,लेकिन अब जनता केवल आश्वासन नहीं बल्कि धरातल पर कार्य देखना चाहती है। अधिवक्ता सूरज किमोठी ने कहा कि क्षेत्रवासियों के हित में यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल जेसीबी लगाकर मिट्टी हटाना सकारात्मक शुरुआत है,लेकिन जब तक पराग डेयरी से चुंगी तक पक्की,गहरी एवं ढकी हुई नाली का स्थायी निर्माण पूरा नहीं हो जाता,तब तक आंदोलन समाप्त नहीं माना जाएगा। इस दौरान श्रीनगर व्यापार सभा अध्यक्ष अनुज जोशी,कान्ता प्रसाद,अनिल थपलियाल,देवानंद नौटियाल,आर.पी.चमोली,जगमोहन सिंह,कमल बिष्ट,जे.पी.भट्ट,संदीप सिंह रावत,ललित मोहन नैथाणी,जे.पी.पोखरियाल,डी.सी.उनियाल,विक्रम सिंह,पुष्पा देवी,रजनी देवी बिष्ट,मीनाक्षी जदली,पूनम लिंगवाल,राजेश नौटियाल,संजय कैंतुरा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। क्षेत्रवासियों ने कहा कि जेसीबी लगाकर मिट्टी हटाने की कार्रवाई स्वागत योग्य है,लेकिन उनकी वास्तविक मांग पराग डेयरी से चुंगी तक पक्की,गहरी एवं ढकी हुई नाली के स्थायी निर्माण की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस बार केवल आश्वासन तक सीमित न रहकर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करेगा,ताकि चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव श्रीनगर गढ़वाल के नागरिकों और यात्रियों को भविष्य में जलभराव और गंदगी जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।