आपदा से पहले तैयारी पर जोर-ग्राम पंचायतों को बुशकटर सौंपकर जिलाधिकारी ने बढ़ाया सुरक्षा का भरोसा

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। आपदा से पहले की तैयारी ही प्रभावी आपदा प्रबंधन की सबसे बड़ी कुंजी होती है। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए जनपद पौड़ी गढ़वाल में ग्रामीण

📘 इन्हें भी पढ़ें

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। आपदा से पहले की तैयारी ही प्रभावी आपदा प्रबंधन की सबसे बड़ी कुंजी होती है। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए जनपद पौड़ी गढ़वाल में ग्रामीण क्षेत्रों को अधिक सुरक्षित,स्वच्छ और आपदा के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में एक अभिनव पहल की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व तथा आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक के मार्गदर्शन में आपदा मद से खरीदे गए बुशकटर ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं,ताकि बरसात के दौरान तेजी से बढ़ने वाली झाड़ियों की समयबद्ध सफाई कर संभावित आपदाओं के जोखिम को कम किया जा सके। इसी क्रम में शुक्रवार को जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को बुशकटर वितरित किए। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में जनपद की 55 ग्राम पंचायतों को बुशकटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कार्यक्रम में उपस्थित ग्राम प्रधानों को मौके पर ही उपकरण सौंपे गए,जबकि अन्य ग्राम प्रधान संबंधित तहसीलों से इन्हें प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि इस पायलट परियोजना के परिणामों तथा ग्राम पंचायतों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर आगामी चरणों में अन्य ग्राम पंचायतों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के मौसम में सड़कों,संपर्क मार्गों,पैदल रास्तों,सार्वजनिक स्थलों तथा जल निकासी मार्गों के किनारे उगने वाली घनी झाड़ियां न केवल आवागमन में बाधा उत्पन्न करती हैं,बल्कि आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को भी प्रभावित करती हैं। समय पर इनकी सफाई होने से दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी,जंगली जानवरों का खतरा घटेगा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में राहत दलों की आवाजाही भी अधिक सुगम हो सकेगी। उन्होंने ग्राम प्रधानों से बुशकटरों का नियमित,सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि इन उपकरणों का उपयोग केवल झाड़ियों की कटाई तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि गांवों में स्वच्छता,सुरक्षित आवागमन,जल निकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को भी सुदृढ़ करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों से समय-समय पर फीडबैक प्राप्त कर इस पहल की निरंतर समीक्षा की जाए,ताकि इसे और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। बुशकटर प्राप्त करने वाले ग्राम प्रधानों ने जिला प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे गांवों,संपर्क मार्गों,सार्वजनिक स्थलों और जल निकासी मार्गों के आसपास उगी झाड़ियों की नियमित सफाई संभव हो सकेगी। इससे ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी,स्वच्छ वातावरण विकसित होगा तथा आपदा संबंधी जोखिमों में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। थली गांव की ग्राम प्रधान साधना रावत ने कहा कि आपदा मद से उपलब्ध कराया गया बुशकटर ग्राम पंचायत के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इससे गांव के आसपास उगी झाड़ियों की नियमित कटाई की जा सकेगी,जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा बढ़ेगी और आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने इस जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार,सहायक जिला पंचायतीराज अधिकारी प्रदीप सुन्दरियाल,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान उपस्थित रहे। यह पहल केवल उपकरण वितरण तक सीमित नहीं है,बल्कि ग्राम पंचायतों को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर,सक्रिय और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में समय रहते जोखिमों को कम करने और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय सफलता मिलने की उम्मीद है।

नवीनतम समाचार – Dainik Himalya Times

नवीनतम समाचार

Loading...