आस्था से सेवा तक-डॉ.सीएमएस रावत ने संभाली श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की कमान,माॅडल मेडिकल कॉलेज बनाने का लिया संकल्प

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के प्रतिष्ठित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर को नई दिशा देने के संकल्प के साथ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.सीएमएस रावत ने गुरुवार को प्राचार्य

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श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के प्रतिष्ठित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर को नई दिशा देने के संकल्प के साथ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.सीएमएस रावत ने गुरुवार को प्राचार्य पद का विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। पदभार संभालने से पूर्व उन्होंने देवभूमि की आराध्य शक्तियों मां धारी देवी,भगवान कमलेश्वर महादेव एवं नागेश्वर महादेव के मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक किया तथा सफल कार्यकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक आस्था के साथ शुरू हुई इस नई पारी को चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक सकारात्मक शुरुआत माना जा रहा है। मां धारी देवी मंदिर में पुजारी रामस्वरूप पांडेय ने विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराते हुए डॉ.रावत के सफल,जनहितकारी एवं उपलब्धियों से भरे कार्यकाल की कामना की। इसके उपरांत उन्होंने नागेश्वर महादेव मंदिर में महंत नितिन पुरी तथा कमलेश्वर महादेव मंदिर में महंत आशुतोष पुरी महाराज के सान्निध्य में भगवान शिव का जलाभिषेक कर प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य और संस्थान की निरंतर प्रगति की प्रार्थना की। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर परिसर में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने विधिवत प्राचार्य पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ.ए.एन.पांडेय,वित्त नियंत्रक प्रशांत कुमार शर्मा,माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ.विनिता रावत,डिप्टी चिकित्सा अधीक्षक डॉ.दीपा हटवाल,डॉ.सतीश कुमार,डॉ.धनंजय डोभाल, डॉ.मोहित,डॉ.पवन भट्ट,डॉ.सचान भट्ट,डॉ.जानकी बर्तवाल,डॉ.सुरेंद्र सिंह,डॉ.जय कुमार,चीफ फार्मासिस्ट राजेंद्र चौहान,एस.के.भट्ट तथा डॉ.अमन भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में फैकल्टी सदस्यों,अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक उनियाल एवं संजय गुप्ता ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। वहीं देवलगढ़ स्थित मां राजराजेश्वरी मंदिर के पुजारी कुंजिका प्रसाद उनियाल की ओर से मां राजराजेश्वरी का आशीर्वाद स्वरूप चुनरी भेंट कर उनके सफल कार्यकाल की मंगलकामनाएं प्रेषित की गईं। पदभार ग्रहण करते ही डॉ.रावत ने कार्यसंस्कृति का परिचय देते हुए आगामी एमबीबीएस प्रवेश सत्र की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों एवं संबंधित अधिकारियों को प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी प्रत्येक व्यवस्था समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली,उपलब्ध संसाधनों एवं आवश्यकताओं की जानकारी लेकर विकास कार्यों में तेजी लाने पर बल दिया। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉ.ए.एन.पांडेय के साथ बेस चिकित्सालय की व्यवस्थाओं,मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं,आधुनिक चिकित्सा उपकरणों,अधोसंरचना विकास तथा भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की। पदभार ग्रहण करने के बाद प्राचार्य डॉ.सीएमएस रावत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका लक्ष्य श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को उत्तराखंड का मॉडल मेडिकल कॉलेज बनाना है। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा,मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार,अनुसंधान,आधुनिक तकनीक,अधोसंरचना विकास तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उन पर दोबारा जो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है,उसका निर्वहन पूरी निष्ठा,ईमानदारी,पारदर्शिता और टीम भावना के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की सफलता केवल एक व्यक्ति के प्रयासों से संभव नहीं होती,बल्कि सभी फैकल्टी सदस्यों,चिकित्सकों,अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग से ही संस्थान नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। डॉ.रावत ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्हें श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की आवश्यकताओं,चुनौतियों एवं विकास की संभावनाओं की गहन जानकारी है। ऐसे में उनके अनुभव और मार्गदर्शन का सीधा लाभ संस्थान को मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निदेशक स्तर से अधोसंरचना विकास,फैकल्टी सुदृढ़ीकरण,आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता,चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार जैसे कार्यों को नई गति मिलेगी। इससे मेडिकल कॉलेज प्रदेश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा। डॉ.रावत ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज केवल चिकित्सा शिक्षा का केंद्र ही नहीं,बल्कि उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं,अनुसंधान,आधुनिक चिकित्सा तकनीक और जनविश्वास का भी राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श संस्थान बने। उन्होंने सभी चिकित्सकों,शिक्षकों,कर्मचारियों और विद्यार्थियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

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