
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। भगवान नीलकंठ महादेव के दर्शनों के लिए उमड़ रहे कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा,सुविधा और सुगम आवागमन को लेकर पौड़ी जिला प्रशासन ने नीलकंठ क्षेत्र में व्यवस्थाओं को पूरी तरह चाकचौबंद कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग से लेकर नीलकंठ मंदिर क्षेत्र तक पेयजल,स्वच्छता,चिकित्सा,विद्युत,सड़क,यातायात और सुरक्षा सहित तमाम व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय से यात्रा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का प्रयास लगातार जारी है। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया द्वारा यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जा रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को यात्रा मार्ग एवं नीलकंठ क्षेत्र में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने तथा मौके पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को श्रद्धालुओं की हरसंभव सहायता करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ यात्रा को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाए रखना है। कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए चारधाम यात्रा के आवागमन वाले मोटर मार्गों और पैदल यात्रा मार्गों पर सुदृढ़ीकरण,मरम्मत एवं उन्नयन के कार्य कराए गए हैं। पार्किंग से नीलकंठ मंदिर तक करीब डेढ़ किलोमीटर मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई गई हैं। वहीं गरुड़चट्टी से पीपलकोठी तक डीबीएम एवं इंटरलॉकिंग टाइल्स तथा बैराज से गरुड़चट्टी तक पेचवर्क का कार्य कराया गया है। किसी भी आकस्मिक स्थिति में सड़क मार्ग को तत्काल दुरुस्त करने और मलबा हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग की पांच जेसीबी मशीनें ऑपरेटरों सहित 24 घंटे तैनात रखी गई हैं। इससे बरसात के दौरान संभावित भूस्खलन अथवा सड़क अवरोध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बीन नदी क्षेत्र में भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। नदी पार करने के दौरान प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद रहकर श्रद्धालुओं को आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं। नदी क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है,ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते रोका जा सके। ओपन ट्रांसफार्मर हटाकर लगाया कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित एवं निर्बाध बनाए रखने के लिए नीलकंठ मंदिर के सामने स्थित ओपन ट्रांसफार्मर को हटाकर कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन स्थापित किया गया है। इससे नीलकंठ क्षेत्र में दिन-रात निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ विद्युत व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाया गया है। कांवड़ यात्रियों के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर जल संस्थान ने नीलकंठ क्षेत्र और यात्रा मार्ग पर 18 स्टैंड पोस्ट स्थापित किए हैं। इनमें नौ स्टैंड पोस्ट पैदल मार्ग तथा नौ सड़क मार्ग पर लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए सात टैंकरों के माध्यम से भी जलापूर्ति की जा रही है। प्रमुख स्थानों पर पेयजल की उपलब्धता की लगातार निगरानी की जा रही है,ताकि लंबी दूरी तय कर नीलकंठ पहुंच रहे श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान पर्याप्त और शुद्ध पेयजल मिल सके। कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नीलकंठ क्षेत्र में आठ चिकित्सा सहायता केंद्र,36 स्वास्थ्यकर्मी और सात एंबुलेंस तैनात की गई हैं। अब तक 22,750 श्रद्धालुओं को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। सभी चिकित्सा सहायता केंद्रों पर आवश्यक दवाइयों के साथ सर्पदंश रोधी दवा,रेबीज रोधी टीका तथा 24 पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं। इससे यात्रा के दौरान किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। नीलकंठ महादेव कांवड़ यात्रा को स्वच्छ एवं सुविधाजनक बनाए रखने के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। क्षेत्र में 50 सफाई कर्मचारी,चार कूड़ा उठान वाहन और 22 कूड़ेदान तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर शौचालय,जैव शौचालय एवं महिला शौचालय की व्यवस्था की गई है। बरसात के दौरान फिसलन की समस्या को देखते हुए नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी के लिए 10 कार्मिक तैनात किए गए हैं,जो क्षेत्र में लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। पुलिस विभाग द्वारा यातायात प्रबंधन,भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला जा रहा है। विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर आपसी समन्वय से श्रद्धालुओं की समस्याओं का तत्काल समाधान करने में जुटे हैं। पैदल यात्रा मार्गों पर वन्यजीवों से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड भी लगातार गश्त कर रहे हैं। उनका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ किसी भी संभावित वन्यजीव गतिविधि की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। नीलकंठ क्षेत्र में पहुंच रहे कांवड़ यात्रियों ने जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। श्रद्धालुओं ने कहा कि यात्रा मार्ग पर पेयजल,शौचालय,स्वच्छता,चिकित्सा,विद्युत और यातायात से संबंधित व्यवस्थाएं उपलब्ध होने से उन्हें काफी सुविधा मिल रही है। विभिन्न विभागों के कार्मिकों की मौके पर मौजूदगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने को भी यात्रियों ने सराहनीय बताया। जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग से लेकर नीलकंठ मंदिर क्षेत्र तक व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि भगवान नीलकंठ महादेव के दर्शन के लिए पहुंचने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित,सुगम और सुविधाजनक यात्रा के बाद अपनी धार्मिक यात्रा को सुखद अनुभव के रूप में लेकर लौटे।