
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूत शहीद राइफलमैन लोकेन्द्र प्रताप की पावन स्मृति अब ग्राम कटाखोली में निर्मित स्मृति द्वार के माध्यम से सदैव जीवंत रहेगी। रविवार 9 अगस्त को विकासखंड खिर्सू के ग्राम कटाखोली में शहीद लोकेन्द्र प्रताप की स्मृति में निर्मित स्मृति द्वार का प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं श्रीनगर विधायक डॉ.धन सिंह रावत ने विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान ग्रामीणों,जनप्रतिनिधियों और शहीद के परिजनों ने भावपूर्ण वातावरण में वीर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। स्मृति द्वार के शुभारंभ अवसर पर डॉ.धन सिंह रावत ने शहीद लोकेन्द्र प्रताप के अदम्य साहस,त्याग,शौर्य और राष्ट्रसेवा को नमन करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि शहीद लोकेन्द्र प्रताप का सर्वोच्च बलिदान न केवल उनके परिवार और गांव,बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान ही वीर सैनिकों और राष्ट्रभक्तों की धरती के रूप में रही है। यहां की माटी ने देश की रक्षा के लिए अनगिनत वीर सपूत दिए हैं। शहीद लोकेन्द्र प्रताप का त्याग भी इसी गौरवशाली परंपरा का हिस्सा है। उनकी स्मृति में निर्मित यह स्मृति द्वार आने वाली पीढ़ियों को उनके शौर्य और राष्ट्र के प्रति समर्पण की कहानी सुनाता रहेगा। डॉ.रावत ने कहा कि स्मारक और स्मृति द्वार केवल पत्थर अथवा निर्माण कार्य नहीं होते,बल्कि वे राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों की स्मृतियों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी पहुंचाने का माध्यम होते हैं। उन्होंने कहा कि जब युवा पीढ़ी ऐसे स्मारकों से शहीदों की गौरवगाथा से परिचित होगी तो उसके भीतर राष्ट्रप्रेम,देशसेवा और कर्तव्यनिष्ठा की भावना और मजबूत होगी। डॉ.धन सिंह रावत ने ग्राम कटाखोली में शहीद लोकेन्द्र प्रताप की स्मृति में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान सप्ताह में भी श्रद्धापूर्वक प्रतिभाग किया। उन्होंने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक एवं धार्मिक अनुभूति प्राप्त की तथा कथा आयोजन के लिए ग्रामीणों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने शहीद के परिजनों से भी मुलाकात कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शहीद का परिवार पूरे समाज के लिए सम्मान का पात्र है और राष्ट्र की रक्षा में अपना सर्वोच्च योगदान देने वाले वीरों के परिवारों के प्रति समाज और सरकार का दायित्व सदैव बना रहता है। उन्होंने कहा कि शहीद लोकेन्द्र प्रताप का साहस,त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी स्मृति में बनाया गया यह स्मृति द्वार गांव में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को शहीद के बलिदान की याद दिलाएगा और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश देगा। डॉ.धन सिंह रावत ने शहीद लोकेन्द्र प्रताप को शत्-शत् नमन करते हुए उनके परिजनों एवं समस्त ग्रामवासियों को स्मृति द्वार निर्माण के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कमलेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक इससे पूर्व रविवार प्रातः डॉ.धन सिंह रावत ने श्रीनगर स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि,शांति,स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना की। मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं ने भी उनके साथ भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। स्मृति द्वार के शुभारंभ अवसर पर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। शहीद के परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। लोगों ने शहीद लोकेन्द्र प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश की रक्षा में उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।इस अवसर पर भाजपा पौड़ी जिलाध्यक्ष कमल किशोर रावत,खिर्सू ब्लॉक प्रमुख अनिल भण्डारी,श्रीनगर मंडल अध्यक्ष विनय घिल्डियाल,खिर्सू मंडल अध्यक्ष मीना गैरोला सहित भाजपा पदाधिकारी,जनप्रतिनिधि,शहीद के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। शहीद लोकेन्द्र प्रताप की स्मृति में निर्मित यह स्मृति द्वार ग्राम कटाखोली में केवल एक प्रवेश द्वार नहीं,बल्कि देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सपूत की अमर गाथा और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का प्रतीक बन गया है।