
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को लेकर महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सत्र 2026-27 से पैरामेडिकल पाठ्यक्रम संचालित करने वाला कोई भी महाविद्यालय अथवा संस्थान विश्वविद्यालय से संबद्ध नहीं है। ऐसे में विश्वविद्यालय के नाम अथवा संबद्धता का हवाला देकर यदि कोई संस्थान पैरामेडिकल पाठ्यक्रम में प्रवेश देता है तो छात्र-छात्राओं को पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय की स्थायी संबद्धता समिति के अध्यक्ष प्रो.एम.एस.पंवार की ओर से 19 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना में साफ कहा गया है कि यदि कोई छात्र-छात्रा हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल के नाम का उपयोग करते हुए किसी महाविद्यालय अथवा संस्थान में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम में प्रवेश लेता है,तो इसके लिए विश्वविद्यालय किसी भी प्रकार से जिम्मेदार अथवा उत्तरदायी नहीं होगा। विश्वविद्यालय की इस चेतावनी के बाद पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह सूचना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विश्वविद्यालय ने छात्रों से अपील की है कि किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता,पाठ्यक्रम की वैधता तथा विश्वविद्यालय से वास्तविक संबद्धता की पूरी जानकारी आधिकारिक स्तर पर अवश्य प्राप्त करें। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि केवल किसी संस्थान के विज्ञापन,प्रचार सामग्री,मौखिक दावे या विश्वविद्यालय के नाम के इस्तेमाल के आधार पर प्रवेश न लें। छात्र पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित संस्थान वास्तव में विश्वविद्यालय से संबद्ध है अथवा नहीं। पैरामेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि को देखते हुए विभिन्न निजी संस्थानों की ओर से पाठ्यक्रमों के प्रचार-प्रसार के बीच विश्वविद्यालय की यह अधिसूचना महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में छात्रों और अभिभावकों को किसी भी प्रकार के आकर्षक दावे या भ्रमित करने वाली जानकारी के आधार पर प्रवेश लेने से बचने की सलाह दी गई है। विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सत्र 2026-27 से पैरामेडिकल पाठ्यक्रम संचालित करने वाला कोई भी महाविद्यालय या संस्थान विश्वविद्यालय से संबद्ध नहीं है। लिहाजा विश्वविद्यालय के नाम का उपयोग कर ऐसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिलाने का दावा करने वाले संस्थानों से विद्यार्थियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अधिसूचना विश्वविद्यालय की ओर से जारी अधिसूचना को विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए हैं,ताकि छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को इस संबंध में प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध हो सके। विश्वविद्यालय ने एक तरह से यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि पैरामेडिकल पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने से पहले संबद्धता की जांच करना विद्यार्थी की जिम्मेदारी है। गलत जानकारी अथवा अपुष्ट दावे के आधार पर लिए गए प्रवेश की स्थिति में बाद में होने वाली किसी भी परेशानी के लिए विश्वविद्यालय जिम्मेदार नहीं होगा। 19 अगस्त 2026 को जारी इस अधिसूचना के बाद पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय की संबद्धता और संस्थान की मान्यता की आधिकारिक पुष्टि करना बेहद जरूरी हो गया है।