गढ़वाल विश्वविद्यालय पर 9.90 करोड़ की राॅयल्टी-अर्थदंड का शिकंजा,कुलपति ने डॉ.धन सिंह रावत से मांगी बड़ी राहत

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय पर जिला प्रशासन टिहरी द्वारा लगाए गए करीब 9.90 करोड़ रुपये के रॉयल्टी एवं अर्थदंड को समाप्त कराने की कवायद तेज

📘 इन्हें भी पढ़ें

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय पर जिला प्रशासन टिहरी द्वारा लगाए गए करीब 9.90 करोड़ रुपये के रॉयल्टी एवं अर्थदंड को समाप्त कराने की कवायद तेज हो गई है। इसी सिलसिले में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह एवं डीन नियुक्ति एवं पदोन्नति प्रो.एम.एस.पंवार ने कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत से मुलाकात कर प्रकरण के शीघ्र निस्तारण का अनुरोध किया। इस दौरान कुलपति ने कैबिनेट मंत्री को एक विस्तृत अनुरोध पत्र सौंपते हुए पूरे मामले की पृष्ठभूमि से अवगत कराया। उन्होंने राज्य सरकार से विश्वविद्यालय पर लगाए गए रॉयल्टी एवं अर्थदंड को समाप्त कराने के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया। कुलपति की ओर से सौंपे गए पत्र में बताया गया कि वर्ष 2013 की आपदा के दौरान चौरास क्षेत्र के गांवों को श्रीनगर से जोड़ने वाली सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके अलावा विश्वविद्यालय के खेल मैदानों के पुनर्स्थापन की भी आवश्यकता उत्पन्न हुई थी। ऐसे समय में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना के लिए निर्माणाधीन सुरंगों से निकलने वाली अनुपयोगी खनन सामग्री के जनोपयोगी भंडारण से संबंधित कार्य किया गया था। इसी प्रकरण को लेकर जिला प्रशासन टिहरी की ओर से विश्वविद्यालय पर रॉयल्टी एवं अर्थदंड आरोपित किया गया। विश्वविद्यालय का पक्ष है कि तत्कालीन परिस्थितियां सामान्य नहीं थीं और वर्ष 2013 की आपदा के बाद चौरास क्षेत्र तथा विश्वविद्यालय को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ा था। ऐसे में संबंधित खनन सामग्री का उपयोग क्षेत्र की आवश्यकता एवं जनहित से जुड़े कार्यों के लिए किया गया। कुलपति ने अपने अनुरोध पत्र में उल्लेख किया कि 24 जुलाई 2026 को देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से हुई वार्ता के दौरान भी इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाया गया था। पत्र के अनुसार मुख्यमंत्री ने पूर्व में विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाकर विश्वविद्यालय पर आरोपित रॉयल्टी एवं अर्थदंड समाप्त करने तथा विश्वविद्यालय से किसी प्रकार की रॉयल्टी या अर्थदंड नहीं लिए जाने की घोषणा की थी। कुलपति ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से विश्वविद्यालय को यह आश्वासन भी दिया गया है कि वर्ष 2013 की आपदा से उत्पन्न परिस्थितियों तथा विश्वविद्यालय एवं चौरास क्षेत्र की जनता को हुई असुविधाओं को देखते हुए करीब 9.90 करोड़ रुपये की रॉयल्टी एवं अर्थदंड को माफ करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत से आग्रह किया कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालय हित में इस मामले को आगामी कैबिनेट बैठक में रखा जाए। उन्होंने कहा कि कैबिनेट स्तर पर निर्णय होने से विश्वविद्यालय पर लगाए गए 9.90 करोड़ रुपये के रॉयल्टी एवं अर्थदंड का यह लंबे समय से चला आ रहा प्रकरण समाप्त हो सकेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह मामला केवल आर्थिक दायित्व से जुड़ा नहीं है,बल्कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद उत्पन्न परिस्थितियों और चौरास क्षेत्र के पुनर्व्यवस्थापन से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में राज्य सरकार के स्तर से सकारात्मक निर्णय विश्वविद्यालय के लिए बड़ी राहत साबित होगा। गढ़वाल विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के आश्वासन और कैबिनेट मंत्री के स्तर पर हुई बातचीत के बाद इस प्रकरण के समाधान की प्रक्रिया में तेजी आएगी। विश्वविद्यालय की ओर से राज्य सरकार से मामले का शीघ्र निस्तारण करते हुए 9.90 करोड़ रुपये के रॉयल्टी एवं अर्थदंड को समाप्त किए जाने की अपेक्षा की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस प्रकरण के समाधान से लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति समाप्त होगी और विश्वविद्यालय के हित में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं वित्तीय बाधा दूर हो सकेगी।

नवीनतम समाचार – Dainik Himalya Times

नवीनतम समाचार

Loading...