उत्तराखंड राजकीय पाॅलिटेक्निक संस्थान श्रीनगर में कौशल सप्ताह-2026 का भव्य समापन-तकनीकी हुनर से रोजगार और आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़े विद्यार्थी

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान श्रीनगर में युवाओं को रोजगारपरक कौशल,आधुनिक तकनीक,नवाचार एवं उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित कौशल सप्ताह-2026 का शनिवार को भव्य एवं सफलतापूर्वक

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान श्रीनगर में युवाओं को रोजगारपरक कौशल,आधुनिक तकनीक,नवाचार एवं उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित कौशल सप्ताह-2026 का शनिवार को भव्य एवं सफलतापूर्वक समापन हुआ। 17 अगस्त से 22 अगस्त तक चले इस छह दिवसीय आयोजन में विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी दुनिया की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के साथ ही रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं से परिचित कराया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के अनुपालन में किया गया। पूरे सप्ताह संस्थान में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई,कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर व्यावहारिक दक्षता,नवाचार,व्यक्तित्व विकास और रोजगार के बदलते स्वरूप को समझने के लिए प्रेरित किया। कौशल सप्ताह के दौरान उद्यमिता एवं स्टार्टअप,साइबर सुरक्षा एवं नैतिक हैकिंग,कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग,इंटरनेट ऑफ थिंग्स,त्रि-आयामी मुद्रण एवं मॉडल निर्माण,नवाचार चुनौती,त्वरित नमूना निर्माण,जीवनवृत्त निर्माण,कौशल जागरूकता,प्रतिभा मेला,मार्गदर्शन तथा जीवन कौशल एवं व्यक्तित्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान,कार्यशालाएं,जागरूकता कार्यक्रम और व्यावहारिक गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में अपने कौशल को पहचानने और उसे रोजगार के अवसरों से जोड़ने का अवसर मिला। साथ ही परियोजना एवं नवाचार प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच और तकनीकी प्रतिभा को सामने लाया गया। नमूना परीक्षा एवं नमूना साक्षात्कार के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक चयन प्रक्रिया के लिए भी तैयार किया गया। कार्यक्रम में एनआईटी उत्तराखंड,भारतीय प्रबंधन संस्थान काशीपुर,हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय तथा टाटा स्ट्राइव सहित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों एवं विशेषज्ञों का सहयोग प्राप्त हुआ। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद करते हुए उद्योग जगत की वर्तमान आवश्यकताओं,तकनीकी बदलावों और रोजगार के नए अवसरों की जानकारी दी। कौशल सप्ताह के अंतिम दिन फार्मेसी एवं ऑटोमोबाइल शाखा के विद्यार्थियों के लिए नमूना परीक्षा एवं नमूना साक्षात्कार आयोजित किए गए। इस दौरान उद्योग एवं संस्थान से जुड़े विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा,तकनीकी समझ,संवाद कौशल और आत्मविश्वास को परखा तथा आवश्यक सुझाव दिए। विद्यार्थियों को बताया गया कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में तकनीकी योग्यता के साथ संचार कौशल,व्यक्तित्व,समय प्रबंधन और समस्या समाधान की क्षमता भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। समापन सत्र में एनआईटी उत्तराखंड के अधिष्ठाता डॉ.धर्मेंद्र त्रिपाठी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने तकनीकी शिक्षा के साथ नवाचार,अनुसंधान,कौशल विकास और व्यावहारिक ज्ञान को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि बदलते समय के साथ स्वयं को निरंतर अद्यतन करते रहना ही सफलता की कुंजी है। इस अवसर पर उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा निदेशालय के उपनिदेशक एवं संस्थान के प्रधानाचार्य एस.के.वर्मा की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। उन्होंने कौशल सप्ताह के सफल आयोजन के लिए सभी विशेषज्ञों,शिक्षकों,कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को शिक्षा से रोजगार और रोजगार से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कौशल सप्ताह-2026 के समग्र समन्वय का दायित्व संस्थान की प्रशिक्षण एवं नियोजन अधिकारी तथा आईटी व्याख्याता रीना नवानी को सौंपा गया था। उनके समन्वय में विभिन्न गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभिन्न शाखाओं के विभागाध्यक्षों,व्याख्याताओं एवं कर्मचारियों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में फार्मेसी विभागाध्यक्ष भारती विश्वकर्मा तथा आईटी विभागाध्यक्ष मंजीत सहित संस्थान के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कौशल सप्ताह-2026 केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं रहा,बल्कि इसने विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगार,स्वरोजगार,नवाचार और उद्यमिता की संभावनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में यह विश्वास पैदा करने का प्रयास किया गया कि आधुनिक तकनीकी ज्ञान और कौशल के बल पर वे नौकरी तलाशने वाले ही नहीं,बल्कि रोजगार देने वाले भी बन सकते हैं। संस्थान की ओर से कहा गया कि भविष्य में भी विद्यार्थियों की बदलती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे,ताकि राजकीय पॉलिटेक्निक के विद्यार्थी तकनीकी दक्षता के साथ आत्मविश्वास और रोजगारपरक क्षमता हासिल कर प्रदेश एवं देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। कौशल सप्ताह के सफल समापन पर संस्थान में उत्साह का माहौल रहा। विद्यार्थियों ने आयोजन को अपने शैक्षणिक जीवन के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि विशेषज्ञों से सीधे संवाद और व्यावहारिक प्रशिक्षण से उन्हें अपने भविष्य के कैरियर को लेकर नई दिशा और प्रेरणा मिली।

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