
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों के ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें,इसके लिए प्रशासन ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर समस्याएं सुनने और उनका समाधान सुनिश्चित करने की पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया की अध्यक्षता में विकासखंड थलीसैंण के दूरस्थ क्षेत्र मजरा महादेव स्थित राजकीय महाविद्यालय में तहसील दिवस आयोजित किया गया। तहसील चाकीसैंण क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने सड़क,पेयजल,बिजली,शिक्षा,कृषि,राशन,आवास,रोजगार,जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा सहित विभिन्न समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। तहसील दिवस में 175 से अधिक शिकायतों की सुनवाई हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से मौके पर ही शिकायतों की स्थिति की जानकारी ली और जिन मामलों का स्थानीय स्तर पर समाधान संभव है,उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो शिकायतें तत्काल अथवा कम समय में हल हो सकती हैं,उनका एक सप्ताह के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा करने तथा कार्रवाई पूरी होने के बाद संबंधित शिकायतकर्ता को भी इसकी सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। तहसील दिवस में राजकीय प्राथमिक विद्यालय मझोली के क्षतिग्रस्त भवन का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने उसका प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश दिए। कुचोली में मिड-डे मील के लिए शेड निर्माण के मामले में प्रस्ताव प्राप्त होते ही आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को शासन को भेजे गए प्रस्तावों का लगातार फॉलोअप रखने तथा आवेदनकर्ताओं को भी प्रस्ताव की प्रगति की जानकारी देने के निर्देश दिए। आधार संबंधी समस्याओं के समाधान तथा बालिका श्वेता के दिव्यांग प्रमाणपत्र से जुड़े मामले पर जिलाधिकारी ने बताया कि सितंबर माह में चाकीसैंण क्षेत्र में दिव्यांग प्रमाणपत्र शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही आधार संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए भी आधार शिविर लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 3 सितंबर से रोस्टर के अनुसार तिरपालीसैंण में एक सप्ताह का आधार शिविर संचालित किया जाएगा,जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। गौरा देवी कन्याधन योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े मामलों में भी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बगेली गांव में पेयजल लाइन बिछाने को लेकर दूसरे गांव से उत्पन्न विवाद के मामले में जिलाधिकारी ने ग्रामसभा की बैठक के माध्यम से समाधान निकालने का सुझाव दिया। नौगांव ईड़ा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में भवन एवं पाइपलाइन बार-बार क्षतिग्रस्त होने की शिकायत पर जल संस्थान को मौका निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने हर घर नल योजना से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता से लेने को कहा। कुचोली में जल निकासी के लिए पुश्ता निर्माण की मांग पर भी संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए सामूहिक घेरबाड़ पर जोर जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी तहसील दिवस में प्रमुखता से उठा। जिलाधिकारी ने कहा कि घेरबाड़ एवं चैनलिंक फेंसिंग की मांग पर ग्रामसभाओं से सामूहिक घेरबाड़ के प्रस्ताव लिए जाएं। सर्वे के बाद पात्रता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ग्रामसभाओं से अधिक से अधिक प्रस्ताव उपलब्ध कराने तथा मुख्य कृषि अधिकारी को सभी प्रस्तावों का परीक्षण करने के निर्देश दिए। अच्छी खेती करने वाले किसानों को घेरबाड़ में प्राथमिकता देने को भी कहा गया। पशुपालन के लिए ऋण,मुर्गीबाड़े एवं अन्य रोजगारपरक योजनाओं से जुड़े आवेदनों को प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि रोजगार के लिए आवेदन करने वाले लोगों को अपनी समस्या लेकर बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। लटकते विद्युत तारों,झूलते तारों और जर्जर विद्युत पोलों की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को कनिष्ठ अभियंताओं की नियमित बैठक लेकर क्षेत्र में निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए। मरखोला,सुनार गांव एवं धरगांव में जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए सोलर लाइट लगाने, पुरानी सोलर लाइटों के सुधारीकरण,पीएम सूर्य घर योजना की सब्सिडी तथा नवजागृति पब्लिक स्कूल लद्वाड़ी में विद्युत पोल शिफ्ट करने से संबंधित मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। धरगांव में पीएमजीएसवाई सड़क कटिंग के कारण मलबा आने से क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइन का मौका निरीक्षण कर मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। सुनार गांव में संपर्क मार्ग के लिए सर्वे कर मेरा गांव मेरी सड़क योजना के तहत प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। मजरा महादेव-सौड़ एवं नौड़ी-सौड़ सड़क के मरम्मतीकरण के लिए मौका निरीक्षण के बाद कार्रवाई,चुठाणी गांव की सड़क निर्माण में तेजी तथा सांकरसैंण मार्ग पर गड्ढों के भरान के निर्देश दिए गए। बगेली में सड़क कटिंग का मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत पर अधिशासी अभियंता पाबों एवं उपजिलाधिकारी को संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। चाकीसैंण-चौंरा मुख्य मार्ग से ईड़ा ग्वींठ की खराब सड़क के मामले में अधिशासी अभियंता ने प्राक्कलन शासन को भेजे जाने की जानकारी दी। ग्रामसभा बिरसोड़ा में नई सड़क का सर्वे पूरा होने के बाद ग्रामवासियों की उपस्थिति में मौके पर अलाइनमेंट की जांच करने तथा ग्रामीण निर्माण विभाग को तत्काल मौका निरीक्षण कर सड़क का स्लोप सही करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने पेंटिंग वाली सड़कों का काम शीघ्र पूरा करने तथा शासन को भेजे गए सड़क प्रस्तावों का लगातार फॉलोअप रखने के निर्देश भी दिए। घुलेख में राशन कार्ड में नाम जोड़ने एवं हटाने में हो रही देरी की शिकायत पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। घतटौली से संबंधित शिकायत की भी जांच करने को कहा गया। स्वच्छ भारत मिशन की दूसरी किश्त नहीं मिलने के मामले में परियोजना निदेशक स्वजल को जांच के निर्देश दिए गए। तिरपाली गांव में शौचालय नहीं होने की शिकायत पर पीडी स्वजल ने ग्रामसभा द्वारा शौचालय बनाए जाने की जानकारी दी,जिस पर जिलाधिकारी ने निर्माण के साक्ष्य सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। खंड तल्ला में कूड़ा निस्तारण नहीं होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को कूड़ा उठान की नियमित निगरानी तथा कूड़ा संग्रहण केंद्रों की जियो-टैग फोटो के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रृंगऋषि मंदिर में टिनशेड,शौचालय आदि निर्माण के लिए जिलाधिकारी ने डीएफओ को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। ईड़ा नौगांव में चेकडैम निर्माण,पुराने वन मार्ग के मरम्मतीकरण,गूल निर्माण एवं जीर्णोद्धार सहित अन्य विकास कार्यों पर भी संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अधिक झाड़ियों वाले क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार बुशकटर उपलब्ध कराने तथा मजरा महादेव क्षेत्र में टाल की मांग पर आवश्यक व्यवस्था का आश्वासन दिया गया। जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायतों में महिला प्रधानों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए डीपीआरओ एवं बीडीओ को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि तहसील दिवस,बीडीसी बैठकों एवं अन्य महत्वपूर्ण बैठकों में महिला ग्राम प्रधान स्वयं प्रतिभाग करें। उनके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को प्रतिनिधि बनाकर न भेजा जाए। ब्लॉक प्रमुख सुनीता देवी ने कहा कि थलीसैंण क्षेत्र अत्यधिक उत्पादन वाला क्षेत्र है। उन्होंने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए दूरस्थ क्षेत्र में तहसील दिवस आयोजित किए जाने पर प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि तहसील दिवस में उठाई गई समस्याओं का समयबद्ध समाधान होगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य टीला शिव चरण नौटियाल,मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी,डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव,संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात,मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.मेघना असवाल,मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना,मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा,अधिशासी अभियंता जल संस्थान टी.एस.रावत,अधिशासी अभियंता लोनिवि लोकेश सारस्वत,अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई पी.आर.चमोली,जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह,परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्र प्रकाश उपाध्याय,जिला पर्यटन अधिकारी के.के.जोशी,खंड विकास अधिकारी टीका राम,परियोजना अधिकारी स्वजल दीपक रावत,एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। तहसील दिवस में जिलाधिकारी की सीधी सुनवाई और मौके से अधिकारियों को दिए गए निर्देशों से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित सड़क,पानी,बिजली,शिक्षा,रोजगार और अन्य समस्याओं का अब समयबद्ध समाधान हो सकेगा।