गढ़वाल विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में गरजा जय हो-पीएचडी छात्र हिमांशु भण्डारी ने अध्यक्ष पद पर ठोकी ताल

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्र राजनीति का माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों के नामांकन

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्र राजनीति का माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों के नामांकन के साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को जय हो छात्र संगठन की ओर से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी हिमांशु भंडारी ने समर्थकों और छात्र नेताओं की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया। हिमांशु भंडारी के नामांकन के साथ ही जय हो संगठन ने चुनावी मुकाबले में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर अभियान तेज करने के संकेत दिए हैं। जय हो छात्र संगठन ने इस बार छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष,कोषाध्यक्ष और छात्रा प्रतिनिधि पद पर अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। संगठन की ओर से अध्यक्ष पद पर हिमांशु भंडारी,कोषाध्यक्ष पद पर राम रूप गुजर तथा छात्रा प्रतिनिधि पद पर सुनिधि सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी हिमांशु भंडारी वर्तमान में पीएचडी के छात्र हैं। जय हो छात्र संगठन के अनुसार गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव के इतिहास में यह पहली बार है,जब पीएचडी स्तर का कोई छात्र अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में उतरा है। संगठन ने हिमांशु की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान अर्जित अनुभव को चुनाव अभियान की प्रमुख ताकत के रूप में प्रस्तुत किया है। संगठन का कहना है कि उच्च शिक्षा के स्तर पर अध्ययनरत छात्र के नेतृत्व में छात्रसंघ को अकादमिक व्यवस्था,शोधार्थियों की समस्याओं और छात्र हितों से जुड़े व्यापक मुद्दों को समझने तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने में मदद मिल सकती है। हिमांशु भंडारी के चुनाव मैदान में आने से छात्रसंघ चुनाव में शैक्षणिक अनुभव,छात्र हित और नेतृत्व क्षमता को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि छात्र समुदाय उनके अनुभव और संगठन के मुद्दों को किस रूप में स्वीकार करता है। जय हो छात्र संगठन ने कोषाध्यक्ष पद पर राम रूप गुजर को प्रत्याशी बनाया है। राम रूप गुजर बीएससी फॉरेस्ट्री के छात्र हैं। वहीं छात्रा प्रतिनिधि पद पर बीटेक द्वितीय वर्ष की छात्रा सुनिधि सिंह चुनाव मैदान में हैं। संगठन का कहना है कि तीनों प्रत्याशियों के माध्यम से छात्र-छात्राओं के अलग-अलग वर्गों की समस्याओं को छात्रसंघ के मंच पर मजबूती से उठाने का प्रयास किया जाएगा। जय हो छात्र संगठन छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर पहले भी आंदोलनों में सक्रिय रहा है। संगठन ने इस बार भी अपने चुनावी अभियान में इन्हीं मुद्दों को प्रमुखता देने की रणनीति बनाई है। संगठन की ओर से पांच प्रतिशत कैंपस वेटेज,डिग्री में सेंट्रल यूनिवर्सिटी लिखे जाने की मांग तथा विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटें कम किए जाने के विरोध में किए गए आंदोलनों को अपनी प्रमुख उपलब्धियों और संघर्षों के रूप में सामने रखा जा रहा है। जय हो छात्र संगठन का दावा है कि सीटों में कमी के विरोध में हुए आंदोलन के दौरान छात्र नेताओं और छात्रों को मुकदमों का सामना भी करना पड़ा,लेकिन संगठन ने छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाना जारी रखा। संगठन का कहना है कि चुनाव में भी वह केवल पद प्राप्त करने की राजनीति के बजाय छात्र हितों के मुद्दों को केंद्र में रखकर मैदान में उतरा है। जय हो छात्र संगठन इस बार के चुनाव में अनुभव,उच्च शिक्षा और छात्र हितों के संघर्ष को अपनी प्रमुख चुनावी ताकत के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले प्रत्येक छात्र की समस्याओं को समझना और उन्हें उचित मंच तक पहुंचाना छात्रसंघ की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। संगठन की ओर से छात्रावास,शैक्षणिक सुविधाओं,पाठ्यक्रमों,सीटों,विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था तथा छात्र हितों से जुड़े अन्य विषयों को लेकर आने वाले दिनों में छात्रों के बीच व्यापक संपर्क अभियान चलाने की बात कही गई है। हिमांशु भंडारी के नामांकन के दौरान जय हो छात्र संगठन के पदाधिकारी,छात्र नेता और समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। समर्थकों ने प्रत्याशियों के पक्ष में उत्साह दिखाते हुए संगठन की एकजुटता का संदेश दिया। इस दौरान आयुष मियां,दिव्यांशु बहुगुणा,अंकित रावत,शिवांश डोभाल,शिवांशु भंडारी,वीरेंद्र बिष्ट,कैवल्य जखमोला,दिशांत धनाई सहित कई छात्र नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। नामांकन के दौरान समर्थकों में दिखाई दिया उत्साह इस बात का संकेत माना जा रहा है कि विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। गढ़वाल विश्वविद्यालय का छात्रसंघ चुनाव हमेशा से ही छात्र राजनीति के साथ-साथ क्षेत्र की सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता रहा है। ऐसे में इस बार अध्यक्ष पद के लिए पीएचडी छात्र का मैदान में उतरना चुनाव को एक अलग आयाम देता दिखाई दे रहा है। अब चुनावी मुकाबला केवल प्रत्याशियों के बीच नहीं,बल्कि मुद्दों,संगठन की सक्रियता,छात्र संपर्क और नेतृत्व क्षमता के आधार पर भी देखा जाएगा। आने वाले दिनों में विभिन्न छात्र संगठनों के प्रत्याशियों के नामांकन और चुनावी अभियान के साथ विश्वविद्यालय परिसर में छात्र राजनीति का पारा और चढ़ने की संभावना है।

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