जल स्त्रोत बचाने को प्रशासन का बड़ा कदम-हर ग्राम पंचायत में बनेगी पेयजल-स्वच्छता की ठोस कार्ययोजना

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ों में जल स्रोतों का संरक्षण और स्वच्छता केवल विकास का विषय नहीं,बल्कि ग्रामीण जीवन और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है। इसी सोच के

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ों में जल स्रोतों का संरक्षण और स्वच्छता केवल विकास का विषय नहीं,बल्कि ग्रामीण जीवन और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है। इसी सोच के साथ ग्राम पंचायत स्तर पर पेयजल स्रोतों के संरक्षण,संवर्धन,जल गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं। विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी की अध्यक्षता में वीबीजीरामजी के अंतर्गत अनुमन्य पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों की रूपरेखा तैयार करने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेयजल सुरक्षा,जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन,स्रोत स्थायित्व,जल गुणवत्ता,पेयजल अवसंरचना के अनुरक्षण तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित विभिन्न कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में वीबीजीरामजी के अंतर्गत अनुमन्य पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों को चिन्हित करते हुए ग्राम पंचायतवार व्यवस्थित और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना में जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ पेयजल लाइनों और अन्य संरचनाओं के अनुरक्षण,जल भंडारण टैंकों एवं स्रोतों की नियमित सफाई,जल गुणवत्ता बनाए रखने,क्लोरीनेशन तथा स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रस्तावित कार्यों को जल जीवन मिशन,स्वजल एवं अन्य संबंधित योजनाओं के साथ कन्वर्जेंस के माध्यम से प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में जल जीवन स्वच्छता समितियों को सक्रिय करने,ग्रामीणों की सहभागिता बढ़ाने तथा ग्राम पंचायत स्तर पर जल स्रोतों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जल संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े कार्य तभी स्थायी परिणाम दे सकते हैं,जब इनमें स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।‌स्वजल एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्थायी,उपयोगी और परिणाम आधारित कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा ग्राम पंचायतवार सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार कर वीबीजीरामजी के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जा सकता है। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण,पेयजल व्यवस्था का अनुरक्षण और स्वच्छता को मजबूत करना ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारशिला है। इसके लिए विभागीय योजनाओं के बेहतर तालमेल के साथ स्थानीय स्तर पर निरंतर निगरानी और जनसहभागिता आवश्यक है। बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत संजय खंडूरी,जिला पंचायती राज अधिकारी जितेंद्र कुमार,अधिशासी अभियंता पेयजल निगम नवनीत कटारिया,कार्यक्रम प्रबंधक स्वजल दीपक रावत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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