श्री गणेश चतुर्थी पर श्रीनगर में धर्म-अध्यात्म का महासंगम-14 से 25 सितंबर तक गूंजेगा श्री कुर्म महापुराण का दिव्य संदेश

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड देवभूमि की सांस्कृतिक,धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी श्रीनगर में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर धर्म,अध्यात्म,संस्कृति और सामाजिक एकता का अनुपम संगम देखने को मिलेगा। श्रीक्षेत्र की

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड देवभूमि की सांस्कृतिक,धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी श्रीनगर में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर धर्म,अध्यात्म,संस्कृति और सामाजिक एकता का अनुपम संगम देखने को मिलेगा। श्रीक्षेत्र की पावन अलकनंदा की तलहटी में स्थित पौराणिक श्री गणेश मंदिर प्रांगण में 14 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक श्रद्धा एवं भक्ति से ओतप्रोत श्री कुर्म महापुराण का भव्य आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं,धर्मप्रेमी जनों और श्रीनगरवासियों में उत्साह का वातावरण है। इस पावन धार्मिक आयोजन में समस्त श्रीनगर की देवभूमि वासियों से सपरिवार शामिल होकर कथा श्रवण एवं पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया गया है। पौराणिक गणेश मंदिर प्रांगण श्रीनगर में आयोजित होने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान की जानकारी गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी रामकिशन पांडेय एवं व्यवस्थापक प्रभात पांडेय ने दी। उन्होंने बताया कि श्री कुर्म महापुराण का आयोजन विधि-विधान एवं धार्मिक परंपराओं के अनुरूप किया जाएगा। उन्होंने समस्त श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से आयोजन में सपरिवार पहुंचकर कथा श्रवण एवं धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करने का आग्रह किया। श्री कुर्म महापुराण का यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि सनातन संस्कृति,आध्यात्मिक चेतना,सामाजिक समरसता और धार्मिक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। भगवान विष्णु के कूर्म अवतार से संबंधित इस महापुराण में धर्म,भक्ति,ज्ञान,सदाचार,तीर्थ एवं लोककल्याण से जुड़े अनेक आध्यात्मिक प्रसंगों का वर्णन मिलता है। कथा श्रवण मानव जीवन को सत्य,धर्म,संयम,सदाचार और ईश्वर भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करता है। धार्मिक आयोजन का शुभारंभ 14 सितंबर को प्रात-9.30 बजे शारदा घाट स्थित हनुमान मंदिर के समीप से भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। श्रद्धालु पारंपरिक धार्मिक वातावरण में कलश धारण कर गणेश मंदिर प्रांगण तक पहुंचेंगे। मंदिर पहुंचने के पश्चात भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना,पंचांग पूजा सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। इसी दिन दोपहर 3.30 बजे से शाम 6 बजे तक व्यास पीठ पर विराजमान व्यास मधुसूदन घिल्डियाल के मुखारबिंद से श्री कुर्म महापुराण की दिव्य कथा का शुभारंभ होगा। कथा के उपरांत रात्रि में भगवान गणेश की महाआरती होगी। 15 सितंबर से 24 सितंबर तक प्रतिदिन प्रातः 7 बजे मूल पाठ एवं नित्य पूजन होगा। इसके बाद दोपहर 3.30 बजे से शाम 6 बजे तक व्यास मधुसूदन घिल्डियाल श्रद्धालुओं को श्री कुर्म महापुराण की अमृतमयी कथा का श्रवण कराएंगे। कथा के माध्यम से धर्म,अध्यात्म,भक्ति,संस्कार और सनातन जीवन मूल्यों से जुड़े प्रसंगों को श्रद्धालुओं के समक्ष रखा जाएगा। प्रतिदिन रात्रि में भगवान श्री गणेश की आरती एवं पूजा-अर्चना होगी। आयोजन के अंतिम दिन 25 सितंबर को प्रातः 7 बजे से हवन-पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान होंगे। इसके बाद प्रातः 11 बजे से श्री कुर्म महापुराण कथा का विराम एवं पारायण किया जाएगा। दोपहर 1 बजे से श्रद्धालुओं के लिए भंडारा-प्रसाद का आयोजन होगा। शाम 4 बजे गणेश मंदिर प्रांगण से भगवान गणेश की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा श्रीनगर शहर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः गणेश मंदिर प्रांगण पहुंचेगी। शोभायात्रा में भगवान गणेश के जयकारों,भजन-कीर्तन और धार्मिक उल्लास के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। अलकनंदा की पावन धारा के समीप आयोजित होने वाला यह धार्मिक अनुष्ठान श्रीनगर की उस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएगा,जिसमें धर्म के साथ संस्कृति,अध्यात्म के साथ सामाजिक समरसता और आस्था के साथ लोककल्याण को विशेष स्थान प्राप्त है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों,सनातन परंपराओं और देवभूमि की समृद्ध धार्मिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आयोजन से जुड़े मुख्य पुजारी रामकिशन पांडेय एवं व्यवस्थापक प्रभात पांडेय ने समस्त श्रद्धालुओं,धर्मप्रेमी नागरिकों,मातृशक्ति,युवाओं एवं नगरवासियों से सपरिवार गणेश मंदिर प्रांगण पहुंचकर श्री कुर्म महापुराण की दिव्य कथा का श्रवण करने और भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया है।

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