
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की देवभूमि में आमजन को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी निगरानी व्यवस्था को और तेज कर दिया है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी पौड़ी गढ़वाल डाॅ.मेघना असवाल ने रविवार 13 सितंबर 2026 को विकासखंड दुगड्डा के अंतर्गत संचालित विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का सघन निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार व्यवस्था,स्वच्छता,दवाओं की उपलब्धता,आपातकालीन सेवाओं तथा प्रसव सेवाओं की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया और जहां व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता महसूस हुई,वहां संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुगड्डा,शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) दुगड्डा,लालपानी,मोटाढांग,झंडीचौड़-कलालघाटी सहित आयुष्मान आरोग्य मंदिर-एसएचसी काशीरामपुर,लालपानी एवं पदमपुर का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा इकाइयों में उपलब्ध संसाधनों और मरीजों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को परखा। निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक चिकित्सा इकाई में स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा मरीजों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने आवश्यक औषधियों की उपलब्धता की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक हर समय उपलब्ध रहना चाहिए,ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को उपचार के लिए परेशान न होना पड़े। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुगड्डा के निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय भवन में विद्युत करंट आने की समस्या सामने आने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए समस्या का तत्काल निराकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को चिकित्सालय की विद्युत व्यवस्था की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही इमरजेंसी वार्ड को सुव्यवस्थित एवं पूरी तरह सुचारू रखने के निर्देश दिए,ताकि आकस्मिक स्थिति में मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने सभी चिकित्सा इकाइयों के आपातकालीन एवं प्रसव वार्डों में साफ-सफाई की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए। सीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को केवल उपचार ही नहीं,बल्कि सुरक्षित,स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण भी मिलना आवश्यक है। वर्तमान मौसम में डेंगू,मलेरिया,वायरल बुखार एवं अन्य मौसमी बीमारियों की संभावित स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक औषधियों का पर्याप्त स्टॉक एवं सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों की स्थिति में स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर सभी तैयारियां पहले से पूरी रखी जाएं। उन्होंने चिकित्सा इकाइयों में मरीजों की बढ़ती जरूरत के अनुरूप दवाओं,जांच सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता पर लगातार नजर रखने को कहा। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कलालघाटी स्थित बीपीएचयू लैब का भी निरीक्षण किया। यहां डाटा एंट्री ऑपरेटर,लैब टेक्नीशियन एवं यंग माइक्रोबायोलॉजिस्ट के पद रिक्त पाए गए। सीएमओ ने रिक्त पदों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए,ताकि प्रयोगशाला संबंधी सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो और क्षेत्रीय जनता को समय पर जांच सुविधाएं मिल सकें। विकासखंड दुगड्डा में संचालित विशेष स्वास्थ्य ड्राइव के अंतर्गत एससी-आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को आमजन को बेहतर चिकित्सा उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ सभी आवश्यक अभिलेखों एवं दस्तावेजों का समयबद्ध और व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ अभिलेखों का सही रख-रखाव भी विभागीय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दुगड्डा क्षेत्र की चिकित्सा इकाइयों के निरीक्षण के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कोटद्वार स्थित डेंगू वार्ड का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने वार्ड में मरीजों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं,साफ-सफाई,उपचार व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों को डेंगू एवं अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम और उपचार के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को पूरी तरह दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.मेघना असवाल ने कहा कि जनपद में आमजन को गुणवत्तापूर्ण,सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सा इकाइयों में स्वच्छता,आवश्यक दवाओं की उपलब्धता,जांच सुविधाओं तथा आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित रूप से निरीक्षण और निगरानी की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.अश्विनी,जिला सलाहकार श्वेता,शुभम एवं बीपीएम अखिलेश सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।