वैज्ञानिक सोच,नशामुक्त संकल्प और युवा शक्ति से बनेगा विकसित भारत-डॉ.धन सिंह रावत ने युवाओं को दिखाई राष्ट्र निर्माण की राह

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से बदलते दौर के बीच युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण,नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वीर माधो

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से बदलते दौर के बीच युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण,नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की ओर से विज्ञान सेतु-विद्यार्थियों को जोड़ने कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति जिज्ञासु बनने,प्रश्न करने की प्रवृत्ति विकसित करने तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि वर्तमान समय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तीव्र परिवर्तन का दौर है। ऐसे समय में देश की युवा शक्ति को केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित न रहकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। डॉ.रावत ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे विज्ञान सेतु जैसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने भीतर वैज्ञानिक सोच विकसित करें। उन्होंने कहा कि जिज्ञासा,तर्क,प्रयोग और नवाचार ही वैज्ञानिक चेतना के आधार हैं। युवा जितना अधिक प्रश्न करेंगे और समस्याओं के समाधान के लिए नए प्रयोग करेंगे,उतना ही देश ज्ञान एवं तकनीकी क्षमता के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा। कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने नशे को युवा शक्ति के सामने गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि नशामुक्त युवा और जागरूक समाज ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला बन सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के युवाओं को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को नशामुक्ति एवं विकसित भारत के संकल्प की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है,बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग और विशेष रूप से युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। डॉ.रावत ने विद्यार्थी विज्ञान आंदोलन एवं विद्यार्थी विज्ञान मंथन की गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करने के लिए उन्हें पुस्तकीय ज्ञान के साथ प्रयोगात्मक एवं व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने वैज्ञानिक जिज्ञासा,प्रश्न करने की प्रवृत्ति,भौतिकी ओलंपियाड तथा प्रयोग आधारित सीखने के महत्व पर भी विस्तार से विचार रखे। कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ताओं ने विद्यार्थियों को मूलभूत विज्ञान की मजबूत समझ विकसित करने तथा विज्ञान को बेहतर रोजगार और करियर के क्षेत्र के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं तथा उत्तराखण्ड में स्थापित वैज्ञानिक एवं तकनीकी संस्थानों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विज्ञान,प्रौद्योगिकी और कौशल विकास से बनेगा विकसित भारत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.डॉ.तृप्ता ठाकुर ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में विज्ञान,प्रौद्योगिकी एवं कौशल विकास की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीकी एवं कौशल आधारित गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही आने वाले भारत की दिशा और दशा तय करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा,ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्रहित में करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम और वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस समझौते का उद्देश्य प्रौद्योगिकी,नवाचार तथा भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में दोनों संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना है। समझौते से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को उभरती हुई तकनीकों,नवाचार,अनुसंधान तथा व्यावहारिक तकनीकी ज्ञान के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होने की उम्मीद है। इससे विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने तथा बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो.दुर्गेश पंत,संयुक्त निदेशक डॉ.डी.पी.उनियाल,इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम के अध्यक्ष डॉ.रेजी कुमार पिल्लई,विद्यार्थी विज्ञान आंदोलन के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ.शिव कुमार शर्मा,डीबीवीएस एवं विद्यार्थी विज्ञान आंदोलन उत्तराखण्ड प्रांत के अध्यक्ष डॉ.के.डी.पुरोहित तथा डीबीवीएस के सचिव डॉ.नरेंद्र सिंह सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी,शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने युवाओं में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा,नवाचार की भावना,कौशल विकास और नशामुक्त जीवन के संकल्प को मजबूत करने के साथ ही विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

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