
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के 10 वें संस्करण के तहत देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए देश को करीब से जानने,समझने और अनुभव करने का सुनहरा अवसर सामने आया है। इसी क्रम में भारत दर्शन यात्रा पर निकले देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों ने देहरादून स्थित राजभवन पहुंचकर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह से भेंट की। राजभवन में विद्यार्थियों के चेहरे पर दिखाई दे रहा उत्साह, उमंग और खुशी देखते ही बन रही थी। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद कंडारी ने विद्यार्थियों के साथ इस महत्वपूर्ण अवसर को साझा करते हुए कहा कि भारत दर्शन कार्यक्रम केवल एक भ्रमण नहीं,बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और उनके ज्ञान के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस यात्रा के माध्यम से विद्यार्थियों को देश की ऐतिहासिक,सांस्कृतिक,सामाजिक और विकास यात्रा को प्रत्यक्ष रूप से देखने-समझने का अवसर मिल रहा है। भारत दर्शन कार्यक्रम के उद्देश्य में विद्यार्थियों को देश की ऐतिहासिक,सांस्कृतिक एवं लोकतांत्रिक विरासत से परिचित कराना भी शामिल है। राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विद्यार्थियों ने राज्यपाल के साथ संवाद किया और उनके अनुभवों तथा मार्गदर्शन को ध्यानपूर्वक सुना। इस दौरान बच्चों में राजभवन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। विद्यार्थियों के लिए यह अनुभव उनकी शैक्षिक यात्रा की महत्वपूर्ण स्मृतियों में शामिल रहेगा। विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभावान बच्चों को देश के विभिन्न हिस्सों की वास्तविक परिस्थितियों,उपलब्धियों,संस्कृति और विविधता को देखने का अवसर मिलना उनके ज्ञान को व्यापक बनाता है। उन्होंने कहा कि किताबों में पढ़े गए भारत को जब विद्यार्थी स्वयं अपनी आंखों से देखते हैं तो उनके सीखने और समझने का अनुभव और अधिक प्रभावी हो जाता है। भारत दर्शन कार्यक्रम के 10 वें संस्करण में देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के 68 मेधावी विद्यार्थियों के शामिल होने की जानकारी प्रकाशित रिपोर्टों में सामने आई है। विद्यार्थियों का दल 16 सितंबर को शैक्षिक भ्रमण के लिए रवाना हुआ था। विधायक विनोद कंडारी ने सभी छात्र-छात्राओं को इस यादगार यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थी यात्रा के दौरान नई चीजें सीखें,देश की विविधता को समझें,विभिन्न स्थानों के इतिहास एवं संस्कृति से परिचित हों और इन अनुभवों को अपने जीवन में सकारात्मक दिशा देने का माध्यम बनाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे पूरे उत्साह के साथ भारत दर्शन करें,खूब सीखें,खूब घूमें और अपने साथ ज्ञान,अनुभव तथा खूबसूरत यादों की अनमोल पूंजी लेकर देवप्रयाग लौटें। उन्होंने कहा कि देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें बेहतर अवसर और सही मंच उपलब्ध कराने की है। भारत दर्शन जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उनके भीतर देश के प्रति समझ,जिज्ञासा और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करने में सहायक होंगे। राजभवन की यह मुलाकात विद्यार्थियों के लिए इसलिए भी खास रही कि उन्हें राज्य के संवैधानिक प्रमुख से सीधे संवाद करने और उनके अनुभवों से सीखने का अवसर मिला। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों के लिए ऐसे अनुभव उनकी शिक्षा को कक्षा की सीमाओं से बाहर निकालकर जीवन के व्यापक अनुभवों से जोड़ने का कार्य करेंगे। विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि उनका प्रयास है कि देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ ज्ञानवर्धक,प्रेरणादायी और जीवनोपयोगी अनुभवों से जोड़ने के अधिक से अधिक अवसर मिलें। भारत दर्शन इसी सोच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के इन मेधावी विद्यार्थियों की भारत दर्शन यात्रा निश्चित रूप से उनके जीवन की ऐसी यादगार यात्रा बनने जा रही है,जिसकी सीख और अनुभव उन्हें आने वाले वर्षों तक प्रेरित करते रहेंगे।