गढ़वाल विश्वविद्यालय को मिला नया पुस्तकालयाध्यक्ष-डॉ.हर सिंह ने संभाली ज्ञान-संसार की कमान

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय को लंबे अंतराल के बाद नया विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष मिल गया है। बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय के नवनियुक्त पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ.हर सिंह

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श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय को लंबे अंतराल के बाद नया विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष मिल गया है। बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय के नवनियुक्त पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ.हर सिंह ने विधिवत अपना कार्यभार ग्रहण किया। विश्वविद्यालय में करीब ढाई वर्ष बाद पुस्तकालयाध्यक्ष की नियुक्ति होने से पुस्तकालय परिवार के साथ ही विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों में भी उत्साह का माहौल है। विश्वविद्यालय में गत 11 सितंबर को पुस्तकालयाध्यक्ष पद के लिए आयोजित साक्षात्कार प्रक्रिया के बाद डॉ.हर सिंह का चयन किया गया था। कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.वाई.पी.रैवानी ने उन्हें विधिवत पदभार ग्रहण करवाया और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। डॉ.हर सिंह इससे पूर्व विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय में उप-पुस्तकालयाध्यक्ष के पद पर कार्यरत रहे हैं। विश्वविद्यालय के पुस्तकालय की कार्यप्रणाली,विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों की आवश्यकताओं तथा पुस्तकालय से संबंधित शैक्षणिक गतिविधियों से उनका पूर्व से ही गहरा परिचय रहा है। ऐसे में उनके पुस्तकालयाध्यक्ष पद पर नियुक्त होने से पुस्तकालय की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी दिशा मिलने की उम्मीद है। कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ.हर सिंह ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय को विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए अधिक सुलभ,सरल,उपयोगी और तकनीक आधारित बनाना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पुस्तकालय केवल पुस्तकों को सुरक्षित रखने का स्थान नहीं,बल्कि उच्च शिक्षा,अध्ययन,अनुसंधान और ज्ञान-विस्तार का महत्वपूर्ण केंद्र है। बदलते शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप पुस्तकालय की सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। विद्यार्थियों और शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री,संदर्भ ग्रंथ तथा शोध संबंधी संसाधन सहजता से उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने पुस्तकालय कर्मियों से आपसी समन्वय,सामूहिक प्रयास और सेवाभाव के साथ कार्य करने का आह्वान किया। डॉ.हर सिंह ने कहा कि पुस्तकालय की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी कर्मचारियों की सहभागिता और सकारात्मक सहयोग आवश्यक है। उनका उद्देश्य ऐसा वातावरण विकसित करना है,जहां विद्यार्थी और शोधार्थी अध्ययन एवं अनुसंधान के लिए पुस्तकालय का अधिकतम उपयोग कर सकें। डॉ.हर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का पुस्तकालय शैक्षणिक गतिविधियों की आधारभूत कड़ी है। यहां उपलब्ध पुस्तकें,शोध सामग्री,संदर्भ ग्रंथ और अन्य ज्ञान संसाधन विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने पुस्तकालय की सेवाओं के विस्तार,उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा आधुनिक तकनीकी सुविधाओं के समुचित समावेश की दिशा में कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना और शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शोध संसाधन उपलब्ध करवाना पुस्तकालय की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। इसके लिए पुस्तकालय की सेवाओं को समयानुकूल बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे। नवनियुक्त विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ.हर सिंह के कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर कुलसचिव प्रो.वाई.पी.रैवानी सहित पुस्तकालय परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। सभी ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विश्वविद्यालय के पुस्तकालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की अपेक्षा व्यक्त की। इस अवसर पर पवन बिष्ट,संजय गौतम,सी.एम.भट्ट,पवन प्रकाश,भगत लाल,सुषमा धनाई,सूरज लिंगवाल,अनूप रावत,नागेन्द्र बुटोला,राकेश आर्य,रेनू पंवार,नीलम रौथाण,शिव सिंह,जितेन्द्र नेगी सहित पुस्तकालय परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। डॉ.हर सिंह के कार्यभार ग्रहण करने से विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय में नई कार्ययोजना और नई ऊर्जा के साथ विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को बेहतर शैक्षणिक एवं शोध सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में गति आने की उम्मीद है।

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