
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में अपराध नियंत्रण,कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और पुलिस कार्यप्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबित मामलों के निस्तारण से लेकर नशा तस्करी,साइबर अपराध,महिला एवं बाल सुरक्षा और आगामी त्योहारी सीजन की व्यवस्थाओं तक,प्रत्येक मोर्चे पर सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करना होगा। गुरुवार 15 अक्टूबर 2026 को पुलिस लाइन पौड़ी में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में एसएसपी सर्वेश पंवार ने जनपद की कानून-व्यवस्था,अपराधों की स्थिति,लंबित विवेचनाओं,यातायात प्रबंधन तथा जनशिकायतों के निस्तारण की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उपस्थित राजपत्रित अधिकारियों,थाना प्रभारियों एवं अन्य पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर अपराधों की रोकथाम,वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के मुद्दे पर एसएसपी ने विशेष जोर दिया। एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने वाले थाना प्रभारियों को फटकार लगाते हुए उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध ठोस और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नशा तस्करों के नेटवर्क पर प्रहार करने के साथ-साथ युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से बचाने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि नशे के विरुद्ध कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए,बल्कि तस्करी में संलिप्त लोगों और उनके नेटवर्क की पहचान कर कानून के अनुसार प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए। लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण अनिवार्य
अपराधों की विवेचना में देरी और लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों का निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। गंभीर अपराधों की जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो तथा साक्ष्यों का संकलन और विधिक कार्रवाई नियमानुसार की जाए। उन्होंने वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने,अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने और थाना स्तर पर लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। गुमशुदगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों से कहा कि ऐसे मामलों में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं और नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज करने में अनावश्यक विलंब न किया जाए। ई-एफआईआर को भी प्राथमिकता के आधार पर दर्ज कर संबंधित मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने निर्देश दिए कि पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और पुलिस तक पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति को नियमानुसार उचित सहायता उपलब्ध कराई जाए। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए एसएसपी ने संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई करने तथा पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिला एवं बाल अपराधों से संबंधित शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए और पीड़ितों की सुरक्षा एवं सहायता सुनिश्चित की जाए। साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए उन्होंने तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी संकलन,शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई तथा साइबर ठगी से बचाव के लिए आमजन को जागरूक करने पर भी विशेष बल दिया। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए एसएसपी ने बाजारों,धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए। सभी सर्किल अधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की स्वयं निगरानी करने तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की सतर्कता बढ़ाने को कहा गया। इसके साथ ही जनपद में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई करने,संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए। यातायात व्यवस्था की समीक्षा के दौरान एसएसपी ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम पर विशेष जोर दिया। उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय मजबूत करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाते हुए आमजन की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाए। जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सितंबर माह में सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त 85 शिकायतों में से 56 का निस्तारण किया जा चुका है,जबकि 29 शिकायतें शेष हैं। एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय उनकी वास्तविक समस्या का समाधान करने पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता,अनुशासन और जवाबदेही बनाए रखने तथा थाना स्तर पर अभिलेखों एवं लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। मासिक अपराध गोष्ठी के दौरान सितंबर माह में जनपद पौड़ी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। एसएसपी सर्वेश पंवार ने चयनित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए और उनके कार्यों की सराहना की। सम्मानित पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक वेदप्रकाश,विनोद कुमार,राजाराम डोभाल,राजेश असवाल एवं रणजीत तोमर,अपर उपनिरीक्षक प्रवेश कुमार,अहसान अली एवं अनिल कुमार,मुख्य आरक्षी करण यादव,चरण सिंह,हरीशी लिंगवाल,मनोज बमसुआल,संतोष कुमार एवं पंकज कुमार शर्मा,आरक्षी अवनीश राणा,मुकेश आर्या एवं राकेश गुंसाई,संचार शाखा के मुख्य आरक्षी रोहित वर्मा तथा फायरमैन ओम प्रकाश शामिल रहे। एसएसपी ने सम्मानित कार्मिकों का उत्साहवर्धन करते हुए पुलिसकर्मियों से अपेक्षा की कि वे पूरी निष्ठा,ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। मासिक अपराध गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज ठाकुर,अपर पुलिस अधीक्षक संचार अनूप काला,क्षेत्राधिकारी श्रीनगर तपेश कुमार,क्षेत्राधिकारी कोटद्वार अस्मिता ममगाईं,क्षेत्राधिकारी सदर पौड़ी दिव्येश उपाध्याय,अभियोजन अधिकारी जावेद अहमद,मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र खाती सहित जनपद के समस्त थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। गोष्ठी के माध्यम से एसएसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनपद में अपराध नियंत्रण,जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई,पीड़ितों को त्वरित सहायता और पुलिस कार्यप्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारियों को सक्रिय एवं परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनानी होगी।