ग्राम पंचायतों को मिले नदी किनारे हल्का चुगान का अधिकार–गणेश भट्ट

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में जल-जंगल-जमीन की रक्षा को लेकर चल रहे जनसंघर्ष को उस समय बड़ी सफलता मिली जब ग्रामीणों के लगातार विरोध के बाद एलएंडटी कंपनी

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में जल-जंगल-जमीन की रक्षा को लेकर चल रहे जनसंघर्ष को उस समय बड़ी सफलता मिली जब ग्रामीणों के लगातार विरोध के बाद एलएंडटी कंपनी ने अपना आवंटित खनन पट्टा राज्य सरकार को वापस सरेंडर कर दिया। इस उपलब्धि को क्षेत्रीय एकता और जनचेतना की जीत बताते हुए समाजसेवी गणेश भट्ट के नेतृत्व में बागवान ग्राम पंचायत के ग्रामीणों एवं देवप्रयाग जन अधिकार मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी कीर्तिनगर से भेंट कर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल को ज्ञापन प्रेषित किया। समाजसेवी गणेश भट्ट ने बताया कि ग्राम बागवान क्षेत्र में पूर्व से ही दो खनन पट्टे संचालित हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा तीसरा खनन पट्टा एलएंडटी जैसी बड़ी कंपनी को आवंटित किया गया था,जिसका क्षेत्रीय ग्रामीणों ने दो वर्षों तक संगठित एवं शांतिपूर्ण विरोध किया। लगातार जनदबाव के चलते कंपनी द्वारा पट्टा सरेंडर किया जाना यह प्रमाणित करता है कि संगठित जनसंघर्ष किसी भी बड़ी कंपनी को पीछे हटने के लिए विवश कर सकता है। गणेश भट्ट ने कहा कि यदि सरकार का उद्देश्य नदी किनारे उपलब्ध पत्थर और रेत से राजस्व अर्जन करना ही है,तो इसके लिए स्थानीय ग्राम पंचायतों को हल्का चुगान का अधिकार दिया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि इससे एक ओर जहां स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा,वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायतों एवं राज्य सरकार को दीर्घकालीन राजस्व भी प्राप्त होता रहेगा। उन्होंने यह भी मांग रखी कि स्थानीय घोड़ा-खच्चर संचालकों को रेत एवं पत्थर ढुलाई के लिए लाइसेंस जारी किए जाएं,ताकि परंपरागत रोजगार सुरक्षित रह सके। उपजिलाधिकारी के साथ हुई वार्ता के दौरान ग्राम प्रधान बागवान नरेश कोठियाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि भविष्य में शासन-प्रशासन द्वारा बागवान क्षेत्र में पुनः किसी कंपनी या संस्था को तीसरा खनन पट्टा दिया गया,तो उसका एकजुट होकर कड़ा विरोध किया जाएगा। इस अवसर पर गणेश भट्ट ने अन्य जनहित के मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए। उन्होंने मलेथा क्षेत्र में रेलवे परियोजना से क्षतिग्रस्त भवनों के मुआवजे के लिए पुनर्मूल्यांकन तथा तल्याकोट,जाबर सहित अन्य वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की समस्या से निपटने हेतु वन विभाग द्वारा अतिरिक्त पिंजरे उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया। उपजिलाधिकारी कीर्तिनगर द्वारा ग्रामीणों की सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इस दौरान आदित्य नेगी,मीडिया प्रभारी देवप्रयाग जन अधिकार मोर्चा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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