मनरेगा से छेड़छाड़ पर कांग्रेस का तीखा विरोध-कानून खत्म करने और नाम बदलने के खिलाफ राज्यपाल के नाम ज्ञापन

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल। केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर किए जाने,उसके नाम में परिवर्तन तथा बजट में लगातार कटौती के विरोध में जिला

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल। केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर किए जाने,उसके नाम में परिवर्तन तथा बजट में लगातार कटौती के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को उप जिलाधिकारी कीर्तिनगर के माध्यम से राज्यपाल उत्तराखंड शासन देहरादून को ज्ञापन प्रेषित किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार द्वारा गरीब,मजदूर और ग्रामीण परिवारों के लिए बनाई गई विश्व की सबसे बड़ी और प्रभावशाली रोजगार गारंटी योजना को वर्तमान भाजपा सरकार नाम बदलकर और कानून में बदलाव कर धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में ले जा रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होगी और सबसे अधिक नुकसान गरीब एवं मजदूर वर्ग को उठाना पड़ेगा। ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का बजट लगातार घटाया जा रहा है,साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की कार्ययोजनाएं केंद्र स्तर से तय किए जाने के कारण ग्राम पंचायतों की स्वायत्तता समाप्त हो रही है,जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार काम नहीं हो पा रहा है। कांग्रेस ने इसे सीधे-सीधे मनरेगा कानून को खत्म करने की साजिश करार दिया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उत्तम सिंह असवाल ने कहा मनरेगा केवल एक योजना नहीं,बल्कि गरीब परिवारों के जीवनयापन की गारंटी है। केंद्र सरकार इसे नाम बदलकर और बजट घटाकर कमजोर कर रही है। कांग्रेस मांग करती है कि मनरेगा कानून को बिना किसी छेड़छाड़ के पुराने स्वरूप में ही लागू रखा जाए। जिला कांग्रेस महासचिव गम्मा सिंह ने कहा कि मनरेगा ने गांव-गांव में पलायन को रोका है और गरीबों को सम्मान के साथ रोजगार दिया है। इस कानून को खत्म करना ग्रामीण भारत की रीढ़ तोड़ने जैसा है,जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कीर्तिनगर रघुवीर सिंह भंडारी ने कहा मनरेगा से जुड़ा हर परिवार आज चिंतित है। केंद्र सरकार की नीतियां गांव,गरीब और मजदूर विरोधी हैं। यदि यह कानून कमजोर हुआ तो ग्रामीण बेरोजगारी और पलायन तेजी से बढ़ेगा। वहीं जिला अध्यक्ष कांग्रेस सेवादल राजेंद्र सिंह चंद ने कहा मनरेगा देश के सामाजिक न्याय की सबसे मजबूत नींव है। इसे खत्म करने का अर्थ है गरीबों से उनका अधिकार छीनना। कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों से संसद तक इसके खिलाफ संघर्ष करेंगे। कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल से मांग की कि वे केंद्र सरकार को निर्देशित करें कि मनरेगा कानून को समाप्त करने या कमजोर करने के किसी भी प्रयास को तत्काल रोका जाए और योजना को पूर्ण बजट व पुराने प्रावधानों के साथ लागू रखा जाए।

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