हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों से अक्सर प्रतिभाएं संसाधनों के अभाव में पीछे छूट जाती हैं,लेकिन अब थलीसैंण से एक ऐसी पहल शुरू हुई है,जो न केवल इस सोच को बदलेगी बल्कि गांव के युवाओं को अपने ही क्षेत्र से देशसेवा का रास्ता दिखाएगी। प्रशासन की यह कोशिश शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद की किरण बनकर उभरी है। उपजिलाधिकारी थलीसैंण कृष्णा त्रिपाठी द्वारा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए थलीसैंण से देशसेवा नामक एक प्रेरणादायक पहल की शुरुआत की गई है। इस मुहिम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर उपजिलाधिकारी ने स्वयं 3 घंटे की इतिहास विषय की क्रैश कोर्स कक्षा संचालित की,जिसमें कुल 18 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी बताते हुए उत्साहपूर्वक सहभागिता की और इसे अपने भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उपजिलाधिकारी ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत प्रत्येक रविवार को नियमित रूप से क्रैश कोर्स एवं मैराथन कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा,जिससे अभ्यर्थियों के ज्ञान,आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का निरंतर विकास हो सके। उनका कहना है कि इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल बनाना है,ताकि उन्हें बेहतर तैयारी के लिए देहरादून या अन्य शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। इस पहल को लेकर ग्राम प्रधानों,अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने आभार व्यक्त करते हुए इसे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उनका मानना है कि स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना न केवल पलायन को रोकने में सहायक होगा,बल्कि रिवर्स पलायन की दिशा में भी सकारात्मक पहल साबित हो सकता है। कार्यक्रम के सफल संचालन में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के उप प्राचार्य दुदुन मेहता,अधिशासी अधिकारी दीपक प्रताप तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी पूजा रावत का विशेष सहयोग रहा। यह पहल सिर्फ कोचिंग नहीं,बल्कि पहाड़ के युवाओं के सपनों को पंख देने का एक मजबूत प्रयास है-जहां से निकलकर नई पीढ़ी न केवल अपना भविष्य बनाएगी,बल्कि देश निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।