जिलाधिकारी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां तेज-सुरक्षित,सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं की अनुकूल यात्रा हेतु व्यवस्थाओं पर प्रशासन का फोकस

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित,सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुविधाजनक बनाने हेतु जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी स्वाति

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित,सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुविधाजनक बनाने हेतु जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के नेतृत्व में तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए व्यापक रणनीति के तहत सभी विभागों के साथ गहन समीक्षा की जा रही है,ताकि यात्रा के दौरान किसी भी स्तर पर कोई कमी न रह जाए। एनआईसी कक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि है और इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित करनी होंगी। उन्होंने कंट्रोल रूम से लेकर ग्राउंड स्तर तक हर व्यवस्था की सघन निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि यात्रा प्रबंधन में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यात्रा कंट्रोल रूम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्टाफ की तैनाती,नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और ड्यूटी रोस्टर शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही तीनों कंट्रोल रूम को पूरी तरह सक्रिय और सुचारु बनाए रखने तथा हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर जोर दिया। परिवहन व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पहले ही सक्रिय हो चुका है। संभागीय परिवहन विभाग के अनुसार यात्रा के लिए ग्रीन कार्ड प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जनपद में लगभग 500 बसों एवं 5000 टैक्सी/मैक्सी वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। जिलाधिकारी ने सभी वाहनों का समयबद्ध सत्यापन कराने और ट्रैफिक प्लान को पूर्व में ही सार्वजनिक करने के निर्देश दिए,ताकि होटल व्यवसायियों सहित सभी संबंधित पक्षों को अग्रिम जानकारी मिल सके। वहीं पुलिस विभाग को पर्याप्त बल तैनात कर जाम की स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी रखने को कहा गया। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लक्ष्मणझूला,कलियासौड़,भट्टीसेरा और नीलकंठ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में चिकित्सा राहत इकाइयों की स्थापना,शिफ्टवार डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती और पर्याप्त एंबुलेंस व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आपातकालीन सेवाओं को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया,ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत राहत मिल सके। स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के लिए सभी उपजिलाधिकारियों को व्यापार सभा,जनप्रतिनिधियों और स्थानीय हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वच्छता,शौचालयों की नियमित सफाई,अतिक्रमण हटाने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने पर भी विशेष बल दिया गया। आगामी वर्षाकाल को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में 15 अप्रैल तक जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त स्थलों का चिन्हांकन और सड़कों पर अनावश्यक पार्किंग रोकने के लिए सख्त कदम उठाने को कहा गया है। पेयजल,शौचालय और प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन गंभीर है। प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने,भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मोबाइल शौचालय स्थापित करने और स्ट्रीट लाइटों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क एवं वैकल्पिक मार्गों के निरीक्षण कर शीघ्र सुधार कार्य पूर्ण करने और यमकेश्वर मार्ग के कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। आवास,भोजन और ईंधन आपूर्ति को लेकर जिलाधिकारी ने होटल,धर्मशाला,रैनबसेरा और गेस्ट हाउसों का संयुक्त निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही पेट्रोल,डीजल और एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने तथा विद्युत आपूर्ति को निर्बाध रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार रखने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समन्वय के साथ करें,ताकि चारधाम यात्रा 2026 सुरक्षित,सुचारु और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। बैठक में पुलिस,परिवहन,जल संस्थान,लोक निर्माण विभाग,पर्यटन,पूर्ति,ऊर्जा और नगर निकाय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे,जिन्होंने यात्रा को सफल बनाने के लिए अपनी-अपनी तैयारियों का खाका प्रस्तुत किया।

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