
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने थलीसैंण क्षेत्र में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता,युवाओं की भागीदारी तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण के महत्व पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने राजकीय महाविद्यालय थलीसैंण के प्रवेशोत्सव में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का स्वागत कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया। भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं के विचारों और आकांक्षाओं पर चर्चा की,वहीं पोषण माह के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की। तीनों कार्यक्रमों में शिक्षा,युवा शक्ति और पोषण को समाज के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए डॉ.रावत ने विद्यार्थियों,युवाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से अपने-अपने क्षेत्र में जिम्मेदारी के साथ योगदान देने का आह्वान किया। राजकीय महाविद्यालय थलीसैंण में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाले नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए सफर की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश जीवन के एक महत्वपूर्ण पड़ाव की शुरुआत है। इस दौरान विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर परिश्रम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं,बल्कि व्यक्तित्व निर्माण,आत्मनिर्भरता और सामाजिक विकास की आधारशिला है। अनुशासन,लगन,मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने वाले विद्यार्थी जीवन में नई उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने,ज्ञान अर्जित करने और उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। डॉ.रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों से अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर परिवार,क्षेत्र तथा प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। थलीसैंण में भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में डॉ.धन सिंह रावत ने युवाओं के साथ संवाद कर उनके विचारों,सुझावों और अपेक्षाओं को सुना। कार्यक्रम में युवाओं की प्रतिभा,ऊर्जा,कौशल और सामाजिक भागीदारी को सकारात्मक दिशा देने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि युवा किसी भी देश के वर्तमान की ऊर्जा और भविष्य की संभावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। युवाओं की रचनात्मक सोच,नवाचार और परिश्रम समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में युवाओं को शिक्षा,कौशल विकास और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी क्षमताओं को निखारना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाते हुए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। साथ ही जनसेवा,सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। युवाओं की ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग न केवल उनके व्यक्तिगत भविष्य को मजबूत बनाता है,बल्कि समाज और देश के विकास में भी योगदान देता है। डॉ.रावत ने युवा संवाद में शामिल युवाओं की सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं के विचारों और सुझावों को सुनना आवश्यक है,ताकि उनकी आकांक्षाओं को समझते हुए विकास की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा सकें। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी,युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष गणेश नेगी राठी,मंडल अध्यक्ष कमल रावत,जिला पंचायत सदस्य रजनी देवी,जिला पंचायत सदस्य अंजली जोशी,ज्येष्ठ प्रमुख मनवर सिंह सहित भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पोषण माह के अंतर्गत थलीसैंण में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मानित किया। उन्होंने मातृ-शिशु स्वास्थ्य,बाल पोषण और पोषण संबंधी जन-जागरूकता बढ़ाने में उनकी भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां महिला एवं बाल विकास व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के प्रारंभिक विकास,गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने,परिवारों को संतुलित आहार के प्रति जागरूक करने तथा कुपोषण की समस्या को दूर करने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का योगदान महत्वपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी सेवाएं बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में विशेष भूमिका निभाती हैं। डॉ.रावत ने कहा कि स्वस्थ बचपन ही सशक्त समाज की नींव है। प्रत्येक बच्चे को उचित पोषण मिले और परिवारों में स्वास्थ्य एवं खानपान को लेकर जागरूकता बढ़े,इसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सेवाभाव और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यों को सम्मान देना उनके योगदान के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने कुपोषण मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने के लिए विभागीय प्रयासों के साथ जनभागीदारी को भी आवश्यक बताया। उन्होंने सभी से बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य,संतुलित पोषण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। थलीसैंण में आयोजित इन कार्यक्रमों ने शिक्षा,युवा सशक्तीकरण और पोषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को एक साथ केंद्र में रखा। प्रवेशोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया गया,युवा संवाद में युवाओं की आकांक्षाओं और सामाजिक जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई,जबकि पोषण माह के कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका को सम्मान दिया गया। डॉ.धन सिंह रावत ने इन तीनों क्षेत्रों को प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा बताते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,जागरूक एवं आत्मनिर्भर युवा शक्ति तथा स्वस्थ और सुपोषित बच्चों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया।