
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/बीरोंखाल/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के स्वतंत्रता संग्राम,सामाजिक जागरण और आर्य समाज की विचारधारा को समर्पित रहे उत्तराखंड रत्न कर्मवीर जयानंद भारती की स्मृतियों को संजोने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड बीरोंखाल के साबली पंचपुरी में कर्मवीर जयानंद भारती से संबंधित भवन के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत 40 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। प्रदेश के पर्यटन,धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री तथा चौबट्टाखाल के विधायक सतपाल महाराज के अनुरोध पर हुई इस स्वीकृति के लिए आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तराखंड से संबद्ध संस्था आर्य समाज साबली आदि पंचपुरी के पदाधिकारियों ने महाराज से भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मवीर जयानंद भारती उत्तराखंड की ऐतिहासिक,सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना के महत्वपूर्ण व्यक्तित्व रहे हैं। उनके जीवन,विचारों और समाज सुधार के कार्यों से नई पीढ़ी को परिचित कराने के लिए उनसे संबंधित भवन का निर्माण महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। यह पहल उनके योगदान को स्मरण करने के साथ-साथ क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में भी उपयोगी होगी। उल्लेखनीय है कि कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने 17 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड रत्न कर्मवीर जयानंद भारती की 146 वीं जयंती के अवसर पर विकासखंड बीरोंखाल के राजकीय इंटर कॉलेज परिसर स्यूंसी में आयोजित दो दिवसीय राजकीय मेले के शुभारंभ कार्यक्रम में उनके स्मृति से संबंधित भवन के निर्माण का विषय उठाया था। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भवन निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया था। अब मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत 40 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत होने से इस दिशा में आगे की कार्यवाही का मार्ग प्रशस्त हुआ है। क्षेत्रवासियों और संस्था से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि भवन का निर्माण कर्मवीर जयानंद भारती के जीवन और उनके सामाजिक योगदान को जन-जन तक पहुंचाने में सहायक बनेगा। धनराशि स्वीकृत कराने के लिए आभार व्यक्त करने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में आर्य समाज साबली आदि पंचपुरी संस्था के संरक्षक वासुदेव विमल,अध्यक्ष महेशानंद आर्य,मंत्री जनजीवन राम आर्य,कार्यकारिणी सदस्य विनोद कोहली,पूर्व प्रमुख प्रीति देवी,धनेन्द्र कुमार,वीरेंद्र सिंह,चन्द्र प्रकाश आर्य तथा हेमराज प्रियव्रत सहित अन्य लोग मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने इस पहल को कर्मवीर जयानंद भारती की स्मृतियों के संरक्षण और उनके विचारों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। भवन निर्माण से संबंधित आगामी कार्यवाही पूरी होने के बाद यह स्थल क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत और समाज सुधार की परंपरा को समझने का माध्यम बन सकेगा। कर्मवीर जयानंद भारती का जीवन संघर्ष,सामाजिक चेतना और जनजागरण की प्रेरणा रहा है। ऐसे महापुरुषों की स्मृतियों को संरक्षित करना केवल अतीत को याद करना नहीं,बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास,मूल्यों और समाज के प्रति उत्तरदायित्व से जोड़ना भी है।