
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनहितकारी प्रशासन को धरातल पर मजबूत करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने थलीसैंण तहसील का व्यापक एवं सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया,राजस्व व्यवस्थाओं तथा आमजन से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी,संवेदनशील एवं जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सार्वजनिक परिसर अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों पर विशेष ध्यान देते हुए उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने सप्ताह में दो दिन नियमित न्यायालय संचालन सुनिश्चित करने तथा न्यायालय की प्रत्येक तिथि पर जिला सरकारी अधिवक्ता की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया,ताकि न्याय प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। जिलाधिकारी ने मॉडर्न रिकॉर्ड रूम एवं भू-अभिलेख कक्ष का निरीक्षण करते हुए अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही तहसील परिसर की स्वच्छता व्यवस्था,शौचालयों की स्थिति एवं पेयजल सुविधा को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। नजारत कक्ष के निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर,मुख्यमंत्री राहत कोष पंजिका सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की भी गहन जांच की गई। इसके पश्चात रजिस्ट्रार कानूनगो अनुभाग का निरीक्षण करते हुए उन्होंने जनता दरबार पंजिका का अवलोकन किया और मुख्यालय से प्राप्त पत्रों के लिए पृथक पंजिका अनिवार्य रूप से संधारित करने के निर्देश दिए। वहीं संग्रह अनुभाग की समीक्षा के दौरान वसूली की प्रगति की जानकारी लेते हुए बड़े बकायेदारों की सूची पर विशेष निगरानी रखने तथा प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मेडिकल अवकाश पर गए कार्मिकों की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई गई। निरीक्षण क्रम में ई-डिस्ट्रिक्ट अनुभाग का भी जायजा लिया गया। इसी दौरान तहसील में कार्यरत पर्यावरण मित्रों ने पिछले पांच माह से वेतन न मिलने की समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखी। इस पर जिलाधिकारी ने स्वच्छ सुलभ फाउंडेशन को सख्त निर्देश देते हुए 31 जनवरी तक समस्त बकाया वेतन भुगतान सुनिश्चित करने को कहा तथा चेतावनी दी कि समय-सीमा का उल्लंघन होने पर बकाया राशि की वसूली राजस्व की भांति की जाएगी। तहसील परिसर में आवासीय व्यवस्था की आवश्यकता से अवगत कराए जाने पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए कि आवश्यक निरीक्षण कर आख्या प्रस्तुत करें,जिससे उपलब्ध सरकारी भवनों में बैठने की अनुमति दी जा सके और पटवारियों को कार्य संचालन में सुविधा मिले। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने पटवारियों एवं कानूनगो के साथ बैठक कर जमीनी स्तर की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने पटवारी चौकियों की स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि नई चौकियों के निर्माण हेतु प्राक्कलन (एस्टीमेट) शीघ्र तैयार कर प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पटवारियों को निर्देश दिए गए कि ग्राम पंचायतों में नियमित भ्रमण हेतु रोस्टर प्रणाली लागू की जाए तथा अपने-अपने क्षेत्रों में बैठना सुनिश्चित किया जाए। जनता की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए जिलाधिकारी ने सभी राजस्व चौकियों पर पटवारियों के नाम एवं मोबाइल नंबर सहित सूचना बोर्ड/बैनर लगाने के निर्देश दिए। दैवीय आपदा की स्थिति में सार्वजनिक क्षति का समुचित रिकॉर्ड संधारित करने,स्थायी निवास एवं आय प्रमाणपत्रों के लंबित मामलों की समीक्षा करने तथा प्रमाणपत्र आवेदनों को सीधे अस्वीकृत करने के बजाय आपत्ति दर्ज कर सुधार का अवसर देने के निर्देश दिए,जिससे नागरिकों को बार-बार आवेदन न करना पड़े।
इसके अतिरिक्त शीत लहर से निपटने,अलाव जलाने की व्यवस्था,जनसमर्पण पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण,विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने तथा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने पटवारियों से सुझाव एवं फीडबैक लेते हुए कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सरल,पारदर्शी और जनोन्मुखी व्यवस्था स्थापित करना है,जिसमें फील्ड स्तर पर कार्यरत कार्मिकों के अनुभव और सुझाव अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।