वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर गढ़वाल विश्वविद्यालय में गूंजा राष्ट्रभाव-निबंध प्रतियोगिता में 32 प्रतिभागियों ने दिखाई देशभक्ति की लेखनी

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रभक्ति,राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में वंदे मातरम्-राष्ट्रीय गीत के

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रभक्ति,राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में वंदे मातरम्-राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष का स्मरणोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 32 छात्र-छात्राओं एवं प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम् की ऐतिहासिक एवं राष्ट्रजागरणकारी भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। वंदे मातरम् केवल एक राष्ट्रीय गीत नहीं,बल्कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान करोड़ों देशवासियों के भीतर राष्ट्रप्रेम,स्वाभिमान और स्वतंत्रता की चेतना जगाने वाला एक सशक्त स्वर रहा है। इसी ऐतिहासिक भावभूमि से नई पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में स्मरणोत्सव के तहत विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। निबंध प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम् की भूमिका विषय पर अपने विचारों को ऐतिहासिक तथ्यों,स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और राष्ट्रवादी चेतना के संदर्भ में प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने बताया कि वंदे मातरम् ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में जनमानस को एकजुट करने,युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करने तथा अंग्रेजी शासन के विरुद्ध राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर वंदे मातरम् समिति के समन्वयक डॉ.विश्वेश वाग्मी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं हैं,बल्कि युवा पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों से जोड़ने का माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से स्मरणोत्सव के अंतर्गत आयोजित होने वाले आगामी कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता करने का आह्वान किया। डॉ.वाग्मी ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह के संरक्षण में वंदे मातरम्-राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष का स्मरणोत्सव कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय भावना,देश के प्रति जिम्मेदारी और स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास के प्रति जागरूकता को और अधिक मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि स्मरणोत्सव की आगामी कड़ी में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा,जिसमें विद्यार्थी राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व,स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका तथा वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता जैसे विषयों पर अपने विचार रखेंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने में वंदे मातरम् समिति के सदस्य डॉ.नेहा मर्तोलिया,डॉ.कपिल पंवार,डॉ.नीतीश बौंठियाल एवं डॉ.शंकर परगाई सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कहा गया कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें देश के इतिहास,स्वतंत्रता संग्राम,राष्ट्रीय प्रतीकों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करती हैं। वंदे मातरम् के 150 वर्ष के स्मरणोत्सव के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े कार्यक्रमों की यह श्रृंखला आगे भी जारी रहेगी।

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