
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। मरीजों को बेहतर,सुगम और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल श्रीनगर में व्यवस्थाओं को और अधिक मरीज हितैषी बनाने की कवायद शुरू हो गई है। नवनियुक्त प्राचार्य डॉ.सीएमएस रावत ने शनिवार को पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार बेस अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी कक्षों से लेकर विभिन्न वार्डों,मरीज सहायता केंद्र,अल्ट्रासाउंड केंद्र,निजी वार्ड और अन्य चिकित्सा इकाइयों का जायजा लेते हुए चिकित्सकों एवं अधिकारियों से सीधे संवाद किया और अस्पताल की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्राचार्य डॉ.रावत ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ.ए.एन.पांडेय के साथ अस्पताल के विभिन्न ओपीडी कक्षों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों की आवाजाही,प्रतीक्षा एवं बैठने की व्यवस्था,चिकित्सकों के कक्ष,जांच सुविधाओं और मरीजों को उपचार के दौरान होने वाली संभावित परेशानियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बेस अस्पताल में आने वाला प्रत्येक मरीज बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और सम्मानजनक व्यवहार का हकदार है। अस्पताल की व्यवस्थाएं इस प्रकार हों कि मरीज और उनके तीमारदारों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। इसी उद्देश्य से ओपीडी कक्षों को मरीजों की सुविधा और विभागों की आवश्यकता के अनुरूप व्यवस्थित करने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। चिकित्सा अधीक्षक डॉ.ए.एन.पांडेय ने प्राचार्य को विभिन्न ओपीडी में संचालित चिकित्सा सेवाओं और वर्तमान व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ओपीडी को अधिक व्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाने के लिए जल्द ही कार्ययोजना तैयार की जाएगी,ताकि मरीजों को पंजीकरण,चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक जांच के दौरान अधिक सुगमता मिल सके। प्राचार्य ने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल में मरीजों की संख्या और उनकी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं का लगातार मूल्यांकन किया जाना चाहिए। जहां भी सुधार की आवश्यकता महसूस हो,वहां तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाए जाएं। आपातकालीन और विभिन्न वार्डों का लिया जायजा निरीक्षण के दौरान प्राचार्य ने आपातकालीन वार्ड,स्त्री एवं प्रसूति वार्ड तथा मरीज सहायता केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं,चिकित्सकीय सेवाओं और वार्डों की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मरीज सहायता केंद्र पर पहुंचने वाले मरीजों एवं तीमारदारों को किस प्रकार की सहायता दी जा रही है,इस संबंध में भी उन्होंने जानकारी प्राप्त की। उन्होंने त्वचा रोग ओपीडी का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं तथा मरीजों को मिल रही सेवाओं की जानकारी ली। संबंधित चिकित्सकों एवं कर्मचारियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। प्राचार्य डॉ.रावत ने अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रतिदिन किए जाने वाले अल्ट्रासाउंड की संख्या,मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा जांच प्रक्रिया से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों से कार्यप्रणाली पर चर्चा करते हुए मरीजों को जांच के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के निजी वार्ड का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और अस्पताल में मौजूद संसाधनों एवं सुविधाओं का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य ने श्वसन चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों से भी संवाद किया। उन्होंने विभाग में भर्ती मरीजों,उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सेवाओं की स्थिति के बारे में जानकारी ली। डॉ.रावत ने कहा कि बेस अस्पताल केवल श्रीनगर ही नहीं,बल्कि पौड़ी,रुद्रप्रयाग,चमोली,टिहरी सहित व्यापक पर्वतीय क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र है। उन्होंने अधिकारियों एवं चिकित्सकों को निर्देशित किया कि मरीजों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उनका यथासंभव शीघ्र समाधान किया जाए। अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार एक निरंतर प्रक्रिया है और इसके लिए नियमित निरीक्षण एवं समीक्षा जारी रहेगी। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य डॉ.सीएमएस रावत ने बताया कि 11 अगस्त को मेडिकल कॉलेज परिसर में भव्य तिरंगा रैली का आयोजन किया जाएगा। रैली को सफल एवं आकर्षक बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। इसमें मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक,फैकल्टी सदस्य,कर्मचारी एवं विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। इसी दिन मेडिकल कॉलेज में पत्रकार संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से मेडिकल कॉलेज एवं बेस अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं,उपचार व्यवस्थाओं,नई चिकित्सा सेवाओं और संस्थान की अन्य गतिविधियों की विस्तृत जानकारी मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाई जाएगी। प्राचार्य डॉ.रावत ने कहा कि अब मेडिकल कॉलेज में हर माह पत्रकार संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य संस्थान में होने वाले कार्यों,चिकित्सा सुविधाओं और मरीजों को मिल रहे लाभ की जानकारी पारदर्शी तरीके से आम जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को यह जानकारी होना आवश्यक है कि मेडिकल कॉलेज एवं बेस अस्पताल में कौन-कौन सी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं,किन रोगों का उपचार किया जा रहा है और मरीजों को किस प्रकार की सुविधाएं मिल रही हैं। प्राचार्य ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की ओर से हर माह न्यूज लेटर भी तैयार किया जाएगा। इसमें अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं,मेडिकल शिक्षा,शोध कार्यों,सेमिनार,कार्यशालाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी शामिल की जाएगी। न्यूज लेटर में विभिन्न विभागों द्वारा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं,चिकित्सकों द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण उपचार,नई चिकित्सा सुविधाओं तथा संस्थान की उल्लेखनीय उपलब्धियों को भी प्रमुखता से स्थान दिया जाएगा। डॉ.रावत ने कहा कि चिकित्सा,शिक्षा और शोध के क्षेत्र में संस्थान में होने वाले कार्यों को जनता तक पहुंचाना भी संस्थान की जिम्मेदारी है। इससे लोगों को उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाओं की सही जानकारी मिलेगी और वे समय पर उचित चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ.ए.एन.पांडेय,ब्लड सेंटर के डॉ.सतीश कुमार,चीफ फार्मासिस्ट राजेंद्र चौहान,एसके भट्ट,मनमोहन सिंधवाल सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सक,अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। प्राचार्य डॉ.सीएमएस रावत के पहले ही निरीक्षण में मरीज सुविधाओं,व्यवस्थाओं की समीक्षा,नियमित संवाद और संस्थान की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की पहल से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि बेस अस्पताल श्रीनगर को अधिक व्यवस्थित,पारदर्शी और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण कदम देखने को मिल सकते हैं।