कस्तूरी सदन में मातृशक्ति का भव्य अभिनंदन-नवरात्रि पर शैलपुत्री सम्मान से नवाजी गई 10 प्रेरणादायी महिलाएं

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। वासंतिक नवरात्रि और नव संवत्सर के शुभारंभ पर बाला वाला स्थित मां दक्षिण काली कस्तूरी सदन एक बार फिर सामाजिक चेतना,सांस्कृतिक मूल्यों और नारी सम्मान का सशक्त

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। वासंतिक नवरात्रि और नव संवत्सर के शुभारंभ पर बाला वाला स्थित मां दक्षिण काली कस्तूरी सदन एक बार फिर सामाजिक चेतना,सांस्कृतिक मूल्यों और नारी सम्मान का सशक्त केंद्र बनकर उभरा। इस पावन अवसर पर आयोजित विशेष चर्चा-परिचर्चा कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 10 महिलाओं को शैलपुत्री सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ने न केवल मातृशक्ति के गौरव को रेखांकित किया,बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने का संदेश भी दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सदन के संस्थापक एवं निदेशक अखिलेश चन्द्र चमोला ने नारी शक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी सभ्य और सशक्त समाज की आधारशिला महिलाओं की भागीदारी और उनके सम्मान पर ही टिकी होती है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान ही राष्ट्र की सच्ची उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को पहचान और प्रोत्साहन देना हम सभी का नैतिक दायित्व है। इस गरिमामय अवसर पर जिन प्रमुख महिलाओं को शैलपुत्री सम्मान से नवाजा गया,उनमें प्रोफेसर मृदुला जुगराण,प्रोफेसर ऋचा,प्रो.विभा मुकेश,बीना महेरा,निधि काला,मौलिका रतुड़ी,रजनी बड़ौनी सहित अन्य सम्मानित विभूतियां शामिल रहीं। इन सभी ने शिक्षा,समाज सेवा,महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर समाज में प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने भी अपने विचार रखते हुए भारतीय संस्कृति,परंपराओं और पर्वों के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही समाज में व्याप्त कुरीतियों विशेष रूप से नशाखोरी को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। इस संदर्भ में अखिलेश चन्द्र चमोला द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्त खुशहाल भारत अभियान की सभी ने मुक्तकंठ से सराहना की। उल्लेखनीय है कि अखिलेश चन्द्र चमोला पूर्व में भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए कई महिलाओं को सम्मानित कर चुके हैं। उनके द्वारा निरंतर सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन कर समाज सेवियों,शिक्षाविदों और कर्मठ व्यक्तियों को मंच प्रदान किया जाता रहा है,जिससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कार्यक्रम का वातावरण आध्यात्मिकता,प्रेरणा और संकल्प से ओतप्रोत रहा। नव संवत्सर के इस शुभ अवसर पर सभी उपस्थित जनों ने समाज में नारी सम्मान,सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक बना,बल्कि समाज को जागरूक,संगठित और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का एक प्रेरणादायक प्रयास भी सिद्ध हुआ।

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