
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। शहर की व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए नगर निगम में अब ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जा रही है। महापौर आरती भण्डारी ने गुरुवार को अचानक निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण कर जहां कार्यप्रणाली की हकीकत जानी,वहीं लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े तेवरों में स्पष्ट संदेश दे दिया-अब काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान महापौर ने सबसे पहले उपस्थिति पंजिका का बारीकी से निरीक्षण किया। इसमें कई कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं पहुंचे थे,जिसे लेकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। अनुपस्थित कर्मचारियों की प्रविष्टि मौके पर ही दर्ज करवाई गई और सभी को समय पालन के सख्त निर्देश दिए गए। उनके इस कदम से कार्यालय में हड़कंप की स्थिति बन गई और कर्मचारियों में जिम्मेदारी को लेकर गंभीरता नजर आई। महापौर आरती भण्डारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि नगर निगम केवल एक दफ्तर नहीं,बल्कि जनता की सेवा का केंद्र है। यहां कार्यरत हर अधिकारी और कर्मचारी की जवाबदेही सीधे आम जनता से जुड़ी है,ऐसे में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि समयबद्ध उपस्थिति,पारदर्शी कार्यशैली और जिम्मेदारी से कार्य करना अनिवार्य है। जो भी कर्मचारी अपने दायित्वों के प्रति गंभीर नहीं होंगे,उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर के विकास कार्यों में तेजी लाने और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए अनुशासन और पारदर्शिता बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे,ताकि निगम की कार्यप्रणाली में सुधार लाया जा सके और जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें। इस सख्त कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि नगर निगम प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में है और आने वाले समय में कार्यशैली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।