गौल्क्षय-इन्द्र गवन की पावन वादियों में जागेगी दिव्य शक्ति-सरणा में श्रीमद् देवी भागवत संग मां गौरा देवी मंदिर का भव्य शुभारंभ एवं प्राण-प्रतिष्ठा

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक चेतना,लोकसंस्कृति और सनातन परंपराओं से अनुप्राणित गौल्यक्ष पर्वत एवं इन्द्र गवन की पावन तलहटी पर बसे रमणीय ग्राम सरणा में इस वर्ष एक

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक चेतना,लोकसंस्कृति और सनातन परंपराओं से अनुप्राणित गौल्यक्ष पर्वत एवं इन्द्र गवन की पावन तलहटी पर बसे रमणीय ग्राम सरणा में इस वर्ष एक ऐतिहासिक और अलौकिक धार्मिक आयोजन साकार होने जा रहा है। प्रकृति की गोद में स्थित यह देवभूमि आगामी 15 जून 2026 से 23 जून 2026 तक मां भगवती की भक्ति,वैदिक मंत्रों और आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित रहने वाली है। इस पावन अवसर पर आयोजित होने वाली श्रीमद् देवी भागवत कथा के साथ-साथ वर्षों की आस्था,समर्पण,सामूहिक सहयोग और अथक प्रयासों से निर्मित मां भगवती गौरा देवी के नव मंदिर का शुभारंभ किया जाएगा तथा मां गौरा की दिव्य प्रतिमा की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न होगी। यह केवल मंदिर निर्माण का उत्सव नहीं,बल्कि ग्राम सरणा की सांस्कृतिक धरोहर,आध्यात्मिक चेतना और सनातन परंपराओं के पुनर्जागरण का स्वर्णिम पर्व बनने जा रहा है। जब वैदिक ऋचाओं,शंख-ध्वनि,ढोल-दमाऊं और जय मां गौरा देवी के जयकारों के बीच मां भगवती की दिव्य प्रतिमा गर्भगृह में विराजमान होगी,तब पूरा क्षेत्र भक्तिमय ऊर्जा और दिव्य चेतना से स्पंदित हो उठेगा। मां की यह प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं,बल्कि श्रद्धा और विश्वास का वह जीवंत क्षण होगा,जो आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था का प्रेरणास्रोत बनेगा। श्रीमद् देवी भागवत कथा के दौरान प्रतिदिन देवी महिमा,शक्ति,भक्ति और करुणा का रसपान कराया जाएगा। कथा के माध्यम से धर्म,संस्कार और लोकआस्था का संदेश जन-जन तक पहुंचेगा। वहीं दूसरी ओर मंदिर में होने वाली प्राण-प्रतिष्ठा ग्राम सरणा की आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। मां भगवती गौरा देवी की प्रतिमा स्थापना हेतु 17 जून,18 जून एवं 23 जून 2026 जैसे अत्यंत शुभ मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं। विशेष रूप से 18 जून को पड़ रहे गुरु पुष्य योग,सर्वार्थ सिद्धि योग एवं अमृत सिद्धि योग इस दिव्य अनुष्ठान को और अधिक पुण्यदायी एवं फलदायी बना रहे हैं। वहीं 23 जून दुर्गा अष्टमी का पावन अवसर इस धार्मिक महोत्सव को अद्भुत आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान करेगा। इस भव्य आयोजन की शुरुआत 14 जून 2026 को मण्डप निर्माण एवं वैदिक अनुष्ठानों के साथ होगी। इसके पश्चात गांव में भजन-कीर्तन,देवी जागरण,यज्ञ-हवन और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम निरंतर चलता रहेगा,जिससे संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो जाएगा। यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं,बल्कि ग्राम सरणा की सामाजिक एकजुटता,सांस्कृतिक समर्पण और सामूहिक सहभागिता का अद्भुत उदाहरण बनकर उभर रहा है। ग्राम की महिला मंगल दल,नवयुवक मंगल दल,प्रवासी बंधु,ध्याणी एवं समस्त ग्रामवासी तन-मन-धन से इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। ग्रामवासियों का कहना है कि मां भगवती गौरा देवी का यह नव मंदिर आने वाले समय में क्षेत्र की धार्मिक आस्था,लोक-संस्कृति और सामाजिक चेतना का प्रमुख केंद्र बनेगा। यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होगा,बल्कि देवभूमि की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान देगा। समस्त क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं से विनम्र आग्रह किया गया है कि वे इस ऐतिहासिक एवं पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर मां भगवती गौरा देवी के दर्शन करें,श्रीमद् देवी भागवत कथा का पुण्य लाभ प्राप्त करें तथा नव मंदिर के शुभारंभ एवं दिव्य प्रतिमा प्रतिष्ठा के साक्षी बनें। निश्चित रूप से यह पावन महोत्सव ग्राम सरणा सहित संपूर्ण क्षेत्र में सुख,शांति,समृद्धि और आध्यात्मिक प्रकाश का नया सूर्योदय लेकर आएगा।

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