
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र सशस्त्र सीमा बल एसएसबी श्रीनगर गढ़वाल में शनिवार को देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास,गरिमा और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। परिसर में आयोजित समारोह में तिरंगे की शान और जवानों के अनुशासन ने वातावरण को पूरी तरह देशभक्ति से सराबोर कर दिया। समारोह का शुभारंभ उप-महानिरीक्षक सुभाष चंद नेगी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुआ। जैसे ही तिरंगा शान से लहराया,उपस्थित अधिकारियों,जवानों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रध्वज को सलामी देते हुए देश की स्वतंत्रता,एकता और अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। राष्ट्रगान के दौरान पूरा परिसर राष्ट्रीय गौरव और सम्मान की भावना से ओत-प्रोत नजर आया। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। प्रस्तुतियों में राष्ट्रप्रेम,राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। जवानों एवं प्रशिक्षण केंद्र से जुड़े प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों को उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहा। समारोह में विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। जवानों एवं कार्मिकों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया। खेलों के माध्यम से शारीरिक दक्षता के साथ-साथ टीम भावना,आपसी समन्वय और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का संदेश भी दिया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं जवानों ने देश की एकता,अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प व्यक्त किया। वक्ताओं ने स्वतंत्रता दिवस को देश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों और अमर बलिदानियों के त्याग एवं संघर्ष को स्मरण करने का अवसर बताते हुए कहा कि आजादी की रक्षा और राष्ट्र की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। समारोह के दौरान एसएसबी के जवानों में राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की झलक देखने को मिली। तिरंगे की छत्रछाया में आयोजित कार्यक्रम ने जवानों को अपने दायित्वों के प्रति और अधिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित,शांति,एकता,अखंडता एवं देश की समृद्धि की मंगलकामना के साथ हुआ। स्वतंत्रता दिवस समारोह ने केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र श्रीनगर में राष्ट्रप्रेम,अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को और मजबूत करने का संदेश दिया।