
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में 80 वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास,उत्साह और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पूरा विश्वविद्यालय परिसर देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। तिरंगे के साथ एनसीसी एवं एनएसएस कैडेटों की अनुशासित उपस्थिति,विद्यार्थियों का उत्साह और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण ने समारोह को गरिमामय बना दिया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं हिमपुत्र हेमवती नंदन बहुगुणा की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इसके पश्चात उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारियों का अभिवादन किया तथा एनसीसी और एनएसएस की टीम का अभिवादन ग्रहण करते हुए समारोह स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के साथ ही वातावरण राष्ट्रगान और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो उठा। विकसित भारत के संकल्प में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में देश के प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व मनाने का अवसर नहीं,बल्कि देश के प्रति अपने दायित्वों का आत्ममंथन करने का भी दिन है। तिरंगा हमें निरंतर आगे बढ़ने,राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने तथा भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग,संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। इसलिए आज की पीढ़ी का दायित्व है कि वह स्वतंत्रता के मूल्यों को समझे और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। कुलपति ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख करते हुए कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं,बल्कि राष्ट्रीय चेतना,गौरव और देशभक्ति की भावना का सशक्त प्रतीक है। समारोह में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया,जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से गूंज उठा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से 9 से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी से अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराने तथा इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। कुलपति ने कहा कि उत्तराखंड की जिम्मेदारी अन्य राज्यों की तुलना में और भी महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड के युवाओं का जोश और जज्बा देश की सेना के लिए महत्वपूर्ण योगदान है। वहीं राज्य के जल,जंगल और जमीन का संरक्षण भी राष्ट्रहित से सीधे जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल की समृद्ध संस्कृति,भाषा,व्यवहार और आचरण हमारी विशिष्ट पहचान हैं। युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहकर आधुनिकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करना भी राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विद्यार्थियों से स्क्रीन टाइम कम करने और परिवार से जुड़ने का आह्वान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भारत का गौरव हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से स्क्रीन टाइम कम करने,माता-पिता के साथ संवाद बढ़ाने तथा परिवार और समाज से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने नशे की बढ़ती चुनौती पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं को पूज्य महात्मा गांधी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से सरकार के नशामुक्ति अभियान में सहयोग करने और अपने आसपास के युवाओं को भी नशे से दूर रखने का संकल्प लेने की अपील की। देश ने हमें क्या दिया के साथ यह भी सोचें-हम देश को क्या दे रहे हैं,कुलपति प्रोसिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में पिछले 14 महीनों के दौरान कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि देश हमें बहुत कुछ देता है,इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को केवल यह नहीं सोचना चाहिए कि देश ने हमें क्या दिया,बल्कि यह भी विचार करना चाहिए कि हम देश को क्या दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने शिक्षक पर विश्वास करके विश्वविद्यालय आते हैं। ऐसे में शिक्षकों को अपने दायित्व-बोध को समझना होगा। शिक्षक का दायित्व केवल कक्षा में पढ़ाने तक सीमित नहीं है,बल्कि विद्यार्थियों की मेंटोरिंग करना,उनकी समस्याओं को समझना और उनके समाधान में सहयोग करना भी शिक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। कुलपति ने विश्वविद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अनाथ बच्चों के लिए प्रत्येक पाठ्यक्रम में दो सीट तथा सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए एक सीट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय बेटी पढ़ाओ-बेटी बढ़ाओ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। समारोह के दौरान कुलपति ने उत्तराखंड के वीर महापुरुषों और स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों को श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने पेशावर कांड के नायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को स्मरण किया। साथ ही राजशाही के विरुद्ध श्रीदेव सुमन की 84 दिनों की ऐतिहासिक भूख हड़ताल का उल्लेख करते हुए उनके त्याग और संघर्ष को नमन किया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा के राष्ट्र के प्रति योगदान को भी स्मरण किया और कहा कि ऐसे महापुरुषों का जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। स्वतंत्रता दिवस समारोह में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं,कुलसचिव प्रो.वाई.पी.रैवानी,मुख्य नियंता प्रो.दीपक कुमार,संकायाध्यक्ष नियुक्ति एवं प्रोन्नति प्रो.मोहन पंवार,प्रो.एच.बी.सी.चौहान,प्रो.आर.एस.नेगी,प्रो.महावीर सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक,अधिकारी,कर्मचारी,एनसीसी,एनएसएस के कैडेट एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। समारोह ने विश्वविद्यालय परिवार में राष्ट्रप्रेम,सामाजिक जिम्मेदारी,सांस्कृतिक चेतना और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को और मजबूत किया।