तिरंगे के रंग में रंगा मेडिकल कॉलेज श्रीनगर-स्वतंत्रता दिवस पर गूंजा सेवा,समर्पण और राष्ट्रभक्ति का संदेश

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में शुक्रवार 15 अगस्त को 80 वां स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास,उमंग और देशभक्ति के जज्बे के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में शुक्रवार 15 अगस्त को 80 वां स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास,उमंग और देशभक्ति के जज्बे के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मेडिकल कॉलेज परिसर राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर नजर आया। चिकित्सकों,मेडिकल स्टाफ,विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते हुए देश की एकता, अखंडता और राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया। स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ सर्जन डॉ.एम.एन.गैरोला रहे। प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ.ए.एन.पांडेय की गरिमामयी मौजूदगी में ध्वजारोहण किया गया। जैसे ही राष्ट्रीय ध्वज आसमान में लहराया,पूरा परिसर राष्ट्रगान की धुन से गूंज उठा। उपस्थित चिकित्सकों,विद्यार्थियों,नर्सिंग अधिकारियों,मेडिकल स्टाफ एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते हुए स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। समारोह के दौरान देशभक्ति गीतों,सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं प्रेरक संबोधनों ने वातावरण को भावपूर्ण और ऊर्जावान बना दिया। विद्यार्थियों एवं कॉलेज परिवार के सदस्यों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से देशप्रेम,राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता के मूल्यों को जीवंत किया। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं,बल्कि उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को याद करने का दिन है,जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आजादी के इन अमूल्य मूल्यों को सुरक्षित रखना और देश की प्रगति में अपना योगदान देना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। मुख्य अतिथि वरिष्ठ सर्जन डॉ.एम.एन.गैरोला ने अपने अनुभव साझा करते हुए युवा चिकित्सकों एवं मेडिकल विद्यार्थियों को चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में पूरी निष्ठा,संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सक का कार्य केवल रोग का उपचार करना नहीं,बल्कि मरीज और उसके परिजनों के भीतर विश्वास पैदा करना भी है। चिकित्सा सेवा मानव जीवन से जुड़ी हुई सेवा है और प्रत्येक चिकित्सक को अपने दायित्व को पूरी ईमानदारी एवं संवेदनशीलता के साथ निभाना चाहिए। उन्होंने युवा चिकित्सकों से अपने ज्ञान और कौशल को लगातार बेहतर बनाने तथा समाज के जरूरतमंद लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की सेवा के अनेक माध्यम हैं और चिकित्सा क्षेत्र मानव सेवा के सबसे महत्वपूर्ण माध्यमों में से एक है। चिकित्सक जब अपने कर्तव्य को सेवा भावना से निभाता है तो वह सीधे राष्ट्र निर्माण में योगदान देता है। प्राचार्य डॉ.सीएमएस रावत ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की प्रगति में चिकित्सा शिक्षा,चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान केवल चिकित्सक तैयार करने का कार्य नहीं करते,बल्कि समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चिकित्सक,शिक्षक,कर्मचारी और विद्यार्थी को अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी,अनुशासन और समर्पण के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सीमाओं पर तैनात सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं है,बल्कि अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा से कार्य करना भी सच्ची राष्ट्र सेवा है। प्राचार्य ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे शिक्षा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों,अनुशासन और सेवा भावना को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही देश के भविष्य के चिकित्सक,वैज्ञानिक और जिम्मेदार नागरिक हैं। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मेडिकल कॉलेज परिवार ने चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने,मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा संस्थान की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के संकल्प को दोहराया। इस अवसर पर उपस्थित चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ ने कहा कि दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना अपने आप में बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संस्थान लगातार प्रयासरत है। समारोह के अंत में सभी ने राष्ट्र की एकता,अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के साथ-साथ अपने-अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया। स्वतंत्रता दिवस समारोह ने मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में देशभक्ति,सेवा,अनुशासन और मानवता के मूल्यों को और मजबूत करने का संदेश दिया।

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