पहाड़ में पहली बार धड़का आधुनिक हृदय उपचार का भरोसा-श्रीनगर बेस अस्पताल की कैथ लैब ने रचा इतिहास

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। गढ़वाल मंडल की स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में शुक्रवार का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया,जब राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के बेस अस्पताल में स्थापित अत्याधुनिक

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। गढ़वाल मंडल की स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में शुक्रवार का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया,जब राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के बेस अस्पताल में स्थापित अत्याधुनिक कार्डियो कैथ लैब में पहली बार गंभीर हृदय रोगियों का सफल उपचार किया गया। वर्षों से जिस सुविधा का इंतजार गढ़वाल क्षेत्र की जनता कर रही थी,वह अब धरातल पर उतरती दिखाई दी है। कैथ लैब के शुरू होते ही पहले ही दिन तीन मरीजों की सफल एंजियोप्लास्टी तथा एक मरीज को पेसमेकर लगाकर चिकित्सकों ने नई उम्मीद जगा दी। विशेष बात यह रही कि सभी मरीजों का उपचार आयुष्मान योजना के अंतर्गत पूरी तरह निशुल्क किया गया,जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने न केवल गढ़वाल क्षेत्र बल्कि पूरे उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने का काम किया है। सबसे पहला ऑपरेशन देवप्रयाग से पहुंचे 60 वर्षीय मरीज का किया गया,जिनकी सफल एंजियोप्लास्टी के बाद परिजनों के चेहरे पर राहत और खुशी साफ दिखाई दी। इसके अलावा ऊखीमठ और चमोली जिले से आए अन्य मरीजों का भी सफल उपचार किया गया। वर्षों से हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए देहरादून,ऋषिकेश अथवा दिल्ली का रुख करने को मजबूर पहाड़ के मरीजों के लिए यह सुविधा किसी संजीवनी से कम नहीं मानी जा रही है। कैथ लैब संचालन से पूर्व बेस अस्पताल परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना कर शुभारंभ किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पंडित विभोर बहुगुणा ने पूजा संपन्न कराई। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना,वित्त नियंत्रक प्रशांत कुमार शर्मा,वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.अमर उपाध्याय सहित चिकित्सक,टेक्नीशियन एवं नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहे। पूजा के बाद औपचारिक रूप से कैथ लैब का संचालन प्रारंभ हुआ और भर्ती मरीजों की जटिल हृदय प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक संपन्न की गई। दून अस्पताल से विशेष रूप से पहुंचे वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.अमर उपाध्याय ने शनिवार को बेस अस्पताल में कार्डियो ओपीडी का संचालन भी किया। इस दौरान 30 से अधिक हृदय रोगियों की जांच की गई। मरीजों के इको,टीएमटी सहित अन्य आवश्यक परीक्षण किए गए और आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। इसके बाद भर्ती मरीजों की एंजियोप्लास्टी एवं पेसमेकर प्रक्रिया संपन्न हुई। डॉ.अमर उपाध्याय ने बताया कि पहले ही दिन कैथ लैब में सफल उपचार होना मेडिकल टीम के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि अब गढ़वाल क्षेत्र के मरीजों को हृदय रोग संबंधी आधुनिक उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध होने से मरीजों का समय,पैसा और जोखिम तीनों कम होंगे। उन्होंने बताया कि मरीजों की निगरानी के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्टाफ की टीम लगातार तैनात रही। टीम में मेडिसिन विभाग के डॉ.विनोद तिवारी,डॉ.गीतांशु कपूर,टेक्नीशियन शिव चरण,दिनेश,सूरज तथा नर्सिंग अधिकारी ज्ञानेंद्र,अमित,आकाश,गीता,मनोज और सनी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गौरतलब है कि गत 3 मई को प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने अधिकारियों की बैठक में श्रीनगर बेस अस्पताल की कैथ लैब को शीघ्र संचालित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तेजी से कार्यवाही करते हुए सभी तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी की और शुक्रवार से हृदय रोगियों का उपचार शुरू कर दिया। उल्लेखनीय है कि बेस अस्पताल में कैथ लैब की स्थापना 19 जुलाई 2024 को हो चुकी थी,लेकिन नियमित सेवाएं प्रारंभ होने में समय लग गया। अब कैथ लैब के सक्रिय होने से गढ़वाल मंडल के हजारों मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से चारधाम यात्रा के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह सुविधा अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी,क्योंकि आपातकालीन हृदय उपचार अब पहाड़ में ही संभव हो सकेगा। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने इसे पूरे गढ़वाल क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि बेस अस्पताल अब तेजी से आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में कैथ लैब सेवाओं का और विस्तार किया जाएगा,ताकि पहाड़ के लोगों को महानगरों पर निर्भर न रहना पड़े। उधर मरीजों के परिजनों ने भी सरकार और चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया। मरीज के साथ पहुंचे दीपक पालीवाल सहित अन्य परिजनों ने कहा कि पहले गंभीर हृदय रोग की स्थिति में मरीज को देहरादून या दिल्ली ले जाना पड़ता था,जिससे समय और धन दोनों की भारी समस्या आती थी। अब श्रीनगर में ही आधुनिक उपचार उपलब्ध होने से पहाड़ के लोगों को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने विशेष रूप से डॉ.अमर उपाध्याय और मेडिकल कॉलेज प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते सफल उपचार मिलने से मरीजों को नया जीवन मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी बेस अस्पताल में इसी प्रकार विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध होती रहेंगी,ताकि गढ़वाल मंडल स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।

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