स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा आर्थिक संबल-11 से 27 अगस्त तक विशेष ऋण शिविर

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जनपद पौड़ी में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राष्ट्रीय

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जनपद पौड़ी में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों को समयबद्ध रूप से बैंक ऋण उपलब्ध कराने के लिए जिले के सभी विकासखंडों में 11 से 27 अगस्त तक विशेष बैंक ऋण शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों के माध्यम से लंबित ऋण आवेदनों के त्वरित निस्तारण के साथ पात्र समूहों को नकद साख सीमा (कैश क्रेडिट लिमिट) सहित विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं का लाभ दिलाने पर विशेष जोर रहेगा। मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों,खंड विकास अधिकारियों,जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक तथा बैंक शाखा प्रबंधकों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिविरों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा,जब पात्र स्वयं सहायता समूहों को बिना अनावश्यक देरी के वित्तीय सहायता उपलब्ध हो और वे अपने स्वरोजगार एवं आजीविका से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ा सकें। लंबित ऋण प्रकरणों का प्राथमिकता से होगा निस्तारण मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का मजबूत आधार बन रहे हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार,लघु उद्यम,कृषि आधारित गतिविधियों,पशुपालन,हस्तशिल्प और अन्य आजीविका गतिविधियों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। ऐसे में बैंक ऋण की समय पर उपलब्धता उनके कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने निर्देश दिए कि विशेष शिविरों में लंबित ऋण आवेदनों की समीक्षा कर पात्र प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। बैंक स्तर पर किसी आवेदन में कमी या तकनीकी समस्या होने पर संबंधित समूह को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हुए उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए,ताकि पात्र समूह केवल औपचारिकताओं अथवा बैंकिंग प्रक्रिया में अनावश्यक देरी के कारण ऋण सुविधा से वंचित न रहें। बैंक,विभाग और मिशन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर शिविरों में स्वयं सहायता समूहों से संबंधित ऋण प्रकरणों की समीक्षा के साथ ही ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया को गति देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन,विकासखंड स्तर के अधिकारी और बैंक शाखाएं आपसी समन्वय से कार्य करते हुए अधिक से अधिक पात्र समूहों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ऋण सुविधा मिलने से स्वयं सहायता समूह अपनी आजीविका गतिविधियों का विस्तार कर सकेंगे,जिससे न केवल परिवारों की आय बढ़ेगी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी मजबूत होंगे। विशेष ऋण शिविरों को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए गए हैं। ग्राम संगठन,क्लस्टर स्तरीय संघ तथा मिशन से जुड़े कार्मिक स्वयं सहायता समूहों से संपर्क कर उन्हें शिविरों की तिथि,स्थान एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध कराएंगे। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि शिविरों का लाभ अधिक से अधिक पात्र समूहों तक पहुंचे और कोई भी पात्र स्वयं सहायता समूह जानकारी के अभाव में बैंक ऋण सुविधा से वंचित न रह जाए। जनपद में आयोजित होने वाले ये विशेष ऋण शिविर ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को नई गति देने के साथ ही स्वयं सहायता समूहों को स्वावलंबन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाने में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं।

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