
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में विकास,रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का संकल्प लेकर विधानसभा प्रत्याशी विजय रावत ने रविवार को श्रीनगर में पत्रकार वार्ता आयोजित कर अपना जनसंकल्प पत्र जारी किया। जनसंकल्प पत्र में क्षेत्र के स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ युवाओं को रोजगार,महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने,किसानों एवं स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। पत्रकार वार्ता में विजय रावत ने कहा कि उत्तराखंड के पास प्राकृतिक एवं स्थानीय संसाधनों की कोई कमी नहीं है,आवश्यकता केवल इनके वैज्ञानिक,व्यवस्थित और रोजगारपरक उपयोग की है। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय संसाधनों को स्थानीय लोगों की आजीविका से जोड़ा जाए तो पहाड़ के युवाओं को रोजगार के लिए महानगरों और दूसरे प्रदेशों की ओर पलायन करने से काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने पानी के प्लांट,मत्स्य पालन,पोल्ट्री फार्म,पशुपालन और डेयरी जैसे क्षेत्रों को रोजगार की नई संभावनाओं के रूप में विकसित करने की बात कही। उनका कहना था कि इन क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण,संसाधन और बाजार से जोड़कर स्वरोजगार के स्थायी अवसर पैदा किए जा सकते हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ ग्रामीण परिवारों की आय में भी वृद्धि हो सकती है। विजय रावत के जनसंकल्प पत्र में महिला सशक्तिकरण मिशन को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की महिलाएं वर्षों से कृषि,पशुपालन,हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आ रही हैं। जरूरत इस बात की है कि उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वरोजगार की ठोस संभावनाएं विकसित की जाएं। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग,बाजार से जोड़ने तथा महिला समूहों और स्थानीय उद्यमियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उनका कहना था कि जब गांव की महिला आर्थिक रूप से मजबूत होगी,तो इसका सीधा प्रभाव पूरे परिवार की खुशहाली पर पड़ेगा। जनसंकल्प पत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। विजय रावत ने अब तक 13 निःशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने का संकल्प जताया। उन्होंने गैरसैंण को राजधानी के मुद्दे से जोड़ते हुए सेवा भाव और क्षेत्रीय विकास की भावना के साथ कार्य करने की बात भी कही। विजय रावत ने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा,जब उसका लाभ केवल शहरों तक सीमित न रहकर दूरस्थ गांवों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि पहाड़ की वास्तविक ताकत यहां के प्राकृतिक संसाधन,युवा शक्ति,मेहनतकश किसान और महिला शक्ति हैं। इन्हीं को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि क्षेत्र के युवाओं को अपने ही गांव और क्षेत्र में सम्मानजनक आजीविका के अवसर मिलें तथा स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। इसी सोच को जनसंकल्प पत्र में हर संसाधन से रोजगार,हर परिवार खुशहाल के संदेश के रूप में सामने रखा गया है। विजय रावत ने दावा किया कि उनका जनसंकल्प पत्र केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि रोजगार,स्वास्थ्य,महिला सशक्तिकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को केंद्र में रखकर श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए विकास का एक ऐसा मॉडल तैयार करने का प्रयास होगा,जिसमें आमजन की भागीदारी और स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता मिलेगी। पत्रकार वार्ता के दौरान स्व.राधा देवी फाउंडेशन के मीडिया प्रभारी जसपाल सिंह नेगी,राजकुमार ढाका,गबर बिष्ट,रघुवीर बिष्ट,नरेश,सलीम,सलमान,अजय नेगी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।