न्याय अब और होगा आसान-समाधान समारोह-2026 के जरिए सुलह से निपटेंगे लंबित मामले

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। आमजन को त्वरित,सुलभ और निःशुल्क न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। आमजन को त्वरित,सुलभ और निःशुल्क न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला जज/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में लंबित मामलों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण,विधिक सहायता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आगामी समाधान समारोह-2026 के व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नाजिश कलीम ने की। बैठक में पैनल अधिवक्ताओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र,प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सचिव ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के प्रत्येक जरूरतमंद,गरीब,वंचित एवं आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपेक्षा की कि वे संवेदनशीलता,ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए पात्र लोगों तक निःशुल्क विधिक सहायता समयबद्ध ढंग से पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि कई बार जागरूकता के अभाव में गरीब एवं जरूरतमंद लोग अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि वे गांव-गांव और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं। बैठक में विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया। सचिव ने अधिवक्ताओं को निर्देश दिए कि वे अधिकाधिक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें,ताकि समाज के कमजोर वर्गों को न्याय प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने न्यायालयों में लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी करने तथा पात्र व्यक्तियों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए गंभीरता से कार्य करने को कहा। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि समझौता आधारित समाधान को प्राथमिकता दी जाए,जिससे पक्षकारों को कम समय और कम खर्च में न्याय मिल सके। बैठक के दौरान उच्चतम न्यायालय में आगामी 21,22 एवं 23 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत)-2026 को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। सचिव नाजिश कलीम ने कहा कि विशेष लोक अदालत न्याय प्रणाली को सरल,सुलभ और प्रभावी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अधिवक्ताओं को निर्देशित किया कि उच्चतम न्यायालय में लंबित जनपद से संबंधित मामलों को चिन्हित कर अधिक से अधिक प्रकरणों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराने के प्रयास किए जाएं। इसके लिए पक्षकारों को जागरूक करने और उन्हें समझौता आधारित समाधान के लिए प्रेरित करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विधिक सेवा गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे तथा आगामी विधिक सेवा कार्यक्रमों का सफल आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में उपस्थित पैनल अधिवक्ताओं ने भी विधिक सहायता कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने और आमजन तक न्याय की पहुंच मजबूत करने के लिए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।

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